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    माहेश्वरी बुक डिपो पर छापामारी में हैरान हुए अधिकारी, सस्ती किताबों के महंगे दाम! आगरा डीएम के आदेशों की अनदेखी

    Updated: Sat, 11 Apr 2026 11:01 AM (IST)

    जांच में पाया गया कि डीएम के आदेश के बावजूद दुकान महंगे निजी प्रकाशकों की किताबें और स्टेशनरी पैकेज में बेच रही थी, अभिभावकों को लूज खरीदने से रोका जा ...और पढ़ें

    माहेश्वरी बुक डिपो।

    माहेश्वरी बुक डिपो।

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    जागरण संवाददाता, आगरा। शहर में निजी स्कूलों और पुस्तक विक्रेताओं के बीच कथित गठजोड़ और अभिभावकों से मनमानी वसूली की शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को जब एसीएम प्रथम निवेदिता शर्मा और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआओएस) चंद्र शेखर शिकायतों और डीएम के आदेश पर संजय प्लेस स्थित माहेश्वरी बुक डिपो पहुंचे, तो हैरान रह गए।

    पुस्तक विक्रेता डीएम की रोक के बाद भी धड़ल्ले से स्कूल विशेष के हिसाब से महंगी और निजी प्रकाशकों की पुस्तकों के साथ स्टेशनरी बेच रहे थे। अभिभावकों को लूज में पुस्तकें और स्टेशनरी भी नहीं दी जा रही थी।

    डीएम के निर्देश पर जांच करने पहुंचीं एसीएम प्रथम और डीआओएस

    कई स्कूलों के साथ पुस्तक विक्रेता द्वारा अभिभावकों को जबरन पूरा पैकेज खरीदने के लिए विवश किया जा रहा था। उन्होंने इसकी शिकायत डीएम से की, तो डीएम ने एसीएम प्रथम और डीआइओएस को शिकायतों की जांच के लिए संजय प्लेस स्थित माहेश्वरी बुक डिपो भेजा। दोनों अधिकारियों के पहुंचते ही, वहां मौजूद अभिभावकों ने शिकायतों की झ़ड़ी लगा दी।

    अभिभावकों ने बताया कि उन्हें पुस्तकों और स्टेशनरी का पूरा पैकेज ही खरीदने के लिए कहा जा रहा है। लूज में दो-तीन पुस्तकें या बिना स्टेशनरी के पुस्तकें खरीदने की बोलने पर देने से मना कर दिया जाता है।

    स्कूल विशेष की पुस्तकों को पैकेज से ही बेचने का अभिभावकों पर था दबाव

    इतना ही नहीं, जांच के दौरान टीम को दुकान से सेंट पैट्रिक्स जूनियर हाईस्कूल, सेंट जार्जेट स्कूल समेत कई स्कूलों की पुस्तकों की लिस्ट रेट सहित मिली, जिससे स्पष्ट था कि स्कूलों द्वारा दुकान से ही पूरे पैकेज में पुस्तकें अनिवार्य रूप से खरीदने के लिए अभिभावकों को कहा जा रहा है।

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    डीएम को सौपेंगे रिपोर्ट

    डीआओएस चंद्रशेखर ने बताया कि दुकान पर जब जांच की, स्थिति स्पष्ट थी कि यहां कई स्कूलों द्वारा निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें बेची जा रही थीं, जिसके लिए प्रशासन ने पिछले दिनों स्पष्ट रूप से मना किया था। अब जांच रिपोर्ट डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी को सौपी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। इस जांच की जद में अन्य स्कूल और पुस्तक विक्रेता भी आएंगे।

    रतनमुनि जैन इंटर कॉलेज में लगा शिविर

    एक तरफ अभिभावकों को लूटने के लिए स्कूलों के साथ पुस्तक विक्रेताओं का गिरोह सक्रिय है। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग
    एनसीईआरटी की पुस्तकों को आसानी से उपलब्ध करा रहा है। शुक्रवार को मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डा. मुकेश चंद्र अग्रवाल के निर्देश पर लोहामंडी स्थित रत्नमुनि जैन इंटर कॉलेज में पुस्तक जागरूकता व सुलभता शिविर लगाया गया, जिसमें एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों की खुले रूप में बिक्री की गई, जहां हजारों अभिभावकों और छात्रों ने भाग लेकर राहत महसूस की। डॉक्टर मुकेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि अगला शिविर 13 अप्रैल को एमडी जैन इंटर कालेज में लगाया जाएगा।

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