45 करोड़ से बनने वाले सिकंदरा फ्लाईओवर की डीपीआर तैयार, इस बार आगरा मेट्रो का खास ध्यान
आगरा के सिकंदरा तिराहा फ्लाईओवर की चौथी डीपीआर तैयार हो गई है, जिसमें मेट्रो विस्तार का भी ध्यान रखा गया है। 45 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पु ...और पढ़ें

सिकंदरा का तिराहा।

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जागरण संवाददाता, आगरा। नेशनल हाईवे-19 स्थित सिकंदरा तिराहा पर फ्लाईओवर की चौथी बार डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। 45 करोड़ रुपये से बनने वाले पुल की ऊंचाई साढ़े पांच मीटर होगी। दोनों तरफ की अप्रोच रोड 500 से 500 मीटर लंबी होगी। पहली बार मेट्रो के विस्तार पर भी ध्यान दिया गया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) मथुरा खंड ने इसका प्रस्ताव नई दिल्ली मुख्यालय भेज दिया है। फ्लाईओवर बनने से तिराहा पर जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। इस कार्य में उप्र मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) की टीम भी सहयोग करेगी।
साढ़े पांच मीटर ऊंचा होगा फ्लाईओवर, 500 से 550 मीटर की दोनों ओर होगी अप्रोच रोड
सिकंदरा तिराहा पर डेढ़ दशक से फ्लाईओवर के निर्माण की तैयारी चल रही है लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की अनुमति न मिलने के चलते हर बार फ्लाईओवर का कार्य ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। सबसे पहले 2010, 2017, 2025 में रिपोर्ट बनी थी। शुरुआत में इसकी लागत 40 करोड़ रुपये थी जो अब बढ़कर 45 करोड़ रुपये पहुंच गई है।
प्रस्ताव एनएचएआई नई दिल्ली मुख्यालय भेजा गया
एनएचएआई मथुरा खंड से जाम वाले चौराहों की रिपोर्ट मांगी गई थी। जिस पर एनएचएआइ टीम ने सिकंदरा तिराहा का ड्रोन से सर्वे कराया। इस तिराहा से चौबीस घंटे में डेढ़ लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। एक साथ चार दिशा से वाहन आते हैं।
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- एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि पहली डीपीआर में फ्लाईओवर की ऊंचाई सात से आठ मीटर थी।
- दूसरी बार और तीसरी बार में यह सात मीटर रही।
- अब इसकी ऊंचाई साढ़े पांच मीटर है।
- अगर दोनों तरफ की अप्रोच रोड की बात की जाए तो सबसे पहले इसकी लंबाई 700 से 800 मीटर के मध्य थी।
- अब यह घटकर 500 से 550 मीटर रह गई है।
- पुल की अधिक ऊंचाई न होने से सिकंदरा स्मारक को भी कोई भी खतरा नहीं होगा।
- फ्लाईओवर के दोनों तरफ की बाउंड्रीवाल पर शीट भी लगेंगी।
- इससे दोनों तरफ लोग झांक भी नहीं सकेंगे।
- फ्लाईओवर बनने से जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
- पहली बार डीपीआर में मेट्रो के विस्तार को भी ध्यान में रखा गया है।
मेट्रो की तर्ज पर फ्लाईओवर को अनुमति की तैयारी
सिकंदरा तिराहा फ्लाईओवर की अनुमति सबसे पहले ताज ट्रेपेजियम जोन प्राधिकरण से ली जाएगी फिर वन विभाग, नगर निगम, जलकल विभाग, एडीए सहित अन्य विभागों से ली जाएगी। सबसे अहम अनुमति राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण की होगी। यह अनुमति मेट्रो की तर्ज पर ली जाएगी।
'नेशनल हाईवे-19 स्थित केके नगर मोड़ के पास सिकंदरा तिराहा मेट्रो स्टेशन बन रहा है। भविष्य में मेट्रो का विस्तार सूर सरोवर पक्षी विहार तक किया जा सकता है। फ्लाईओवर की डिजाइन इस तरह बनाने के लिए कहा गया था। इससे मेट्रो के निर्माण में कोई भी परेशानी न आए। पंचानन मिश्र, संयुक्त महाप्रबंधक जनसंपर्क यूपीएमआरसी'
सिकंदरा तिराहा पर फ्लाईओवर का निर्माण जरूरी है। एनएचएआइ मथुरा खंड से इसका प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया था। इससे जाम की समस्या पर अंकुश लगेगा।
अरविंद मल्लप्पा बंगारी, निवर्तमान डीएम