आगरा पुष्पांजलि हाइट्स में 11वें तल पर लगी आग, सुरक्षा उपकरणों ने दिया धोखा
आगरा के पुष्पांजलि हाइट्स में 11वीं मंजिल के एक बंद फ्लैट में आग लग गई, जिसे निवासियों ने खुद बुझाया। अपार्टमेंट के अग्निशमन उपकरण और लिफ्ट खराब पाए ग ...और पढ़ें

फ्लैट संख्या 1108 में लगी आग।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, आगरा। न्यू आगरा में केंद्रीय हिंदी संस्थान मार्ग पर स्थित पुष्पांजलि हाइट्स के 11वें तल पर बंद पड़े फ्लैट में मंगलवार शाम को आग लग गई। अपार्टमेंट के लोगों ने समय रहते अपने स्तर से आग को काबू कर लिया। अपार्टमेंट के लोगों का कहना है कि अग्निशमन उपकरण समय पर काम नहीं आए।
न्यू आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान मार्ग स्थित अपार्टमेंट की घटना
घटना मंगलवार शाम सात बजे की है। पुष्पांजलि हाइट्स के पर्ल टावर की 11वीं मंजिल पर आठ फ्लैट हैं। जिसमें 1108 संख्या खाली पड़ा है। जिसमें कबाड़ा भरा हुआ है। शाम को फ्लैट में अज्ञात कारणों से आग लग गई। उसी तल पर 1101 संख्या फ्लैट में रहने वाले सिद्धार्थ ने अंदर लपटें निकलती देखी तो शोर मचाकर बाहर भागे। जिससे 11वें तल पर धुंआ फैल गया, वहां रहने वाले लोगों में अफरातफरी मच गई।
फ़्लैट संख्या 1108 में लगी आाग, समय पर काम नहीं आए अग्निशमन उपकरण
अन्य फ्लैट में रहने वालों ने अपने स्तर से आग को बुझाने का प्रयास किया। सोसाइटी के लोगों का कहना था कि 11वें तल पर छह फायर एक्सटेंशन और छह फायर एग्सटिंग्यूशर लगे थे। पांच एक्सटेंशन में पानी नहीं था। एक के पाइप से पानी आया तो उसकी नोजल खराब थी। फायर एग्सटिंग्यूशर की मैन्युफैक्चरिंग भी वर्ष 2024 की थी। आग बुझाने का प्रयोग करने पर यह सब समय पर काम नहीं आए।
टावर में लगी तीन में दो लिफ्ट भी काम नहीं कर रही हैं
लोगों नो अपने फ्लैट से पानी लाकर आग को बुझाया। लोगों का कहना था कि यदि आग बढ़ती ताे फायर ब्रिगेड को 11वें तल तक पहुंचने में बहुत मशक्कत करनी पड़ती। टावर में लगी तीन में दो लिफ्ट भी काम नहीं कर रही हैं।
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। अपार्टमेंट के लोगों की शिकायत की जांच की जाएगी।
टावर में पहले भी हो चुका है अग्निकांड
पर्ल टावर में दो वर्ष पहले भी नौवीं मंजिल पर आग लगी थी। जिससे वहां रखा काफी सामान खाक हो गया था। अपार्टमेंट के लोगों का कहना है कि हर महीने एक फ्लैट से साढ़े सात हजार रुपये रखरखाव की सुविधा के नाम पर वसूले जाते हैं। इसके बावजूद आपातकालीन स्थित में सुरक्षा उपकरण काम नहीं आए।