यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बसेगा न्यू आगरा: 44 गांवों की जमीन पर बनेंगे 14 लाख घर, 10 लाख को मिलेगा रोजगार
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) 44 गांवों की भूमि पर न्यू आगरा अर्बन सेंटर विकसित करेगा, जिससे 14 लाख लोगों को आवासीय सुविधा और 10 ल ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, आगरा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर 44 गांवों की भूमि पर न्यू आगरा अर्बन सेंटर विकसित किया जाएगा। 14 हजार 480 हेक्टेयर भूमि में विकसित किए जाने वाले न्यू आगरा में 14 लाख लोगों के लिए आवासीय सुविधा विकसित की जाएगी।
इसके बनने से रोजगार के करीब 10 लाख अवसर विकसित होंगे। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में गैर-प्रदूषणकारी उद्योग लगाए जाएंगे। इनमें पर्यटन और आईटी सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
14 हजार 480 हेक्टेयर भूमि में यीडा द्वारा विकसित किया जाएगा
न्यू आगरा अर्बन सेंटर को यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। न्यू आगरा के मास्टर प्लान-2041 के अनुसार सेंटर तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटन के लिए लग्जरी व मध्यम रेंज के होटल, रिजोर्ट्स बनेंगे। मीटिंग, कांफ्रेंस और प्रदर्शनी के लिए कन्वेंशन टर बनाए जाएंगे।

पर्यटन और हरित क्षेत्र पर ध्यान
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए थीम पार्क, एडवेंचर और एम्यूजमेंट पार्क, यहां मैन्यूफैक्चरिंग, लेदर व हैंडीक्राफ्ट्स, फूड प्रोसेसिंग, कपड़े, स्पाेर्ट्स वियर व सामान, आईटी उद्योग, वेयर हाउस और गोदाम बनाए जाएंगे। यहां जल आपूर्ति के लिए 375 एमलएडी पानी की आवश्यकता होगी।
तीन चरणों में किया जाएगा काम
यमुना नदी, निचली गंगा नहर और वर्षा जल संचयन के माध्यम से इसकी पूर्ति की जाएगी। वर्षा जल संचयन के लिए यमुना बफर में 11 हजार 750 एमएलडी क्षमता और करबन नदी में 22 हजार 400 एमएलडी क्षमता का जलाशय बनाया जाएगा। जल वितरण की सुविधा ओवरहैड टैंकों और अंडरग्राउंड जलाशयों पर निर्भर होगी। सीवेज के उपचार को सात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे।
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आगरा अर्बन सेंटर में शामिल होंगे यह गांव
अगवारखास, अरेला, बघेना, बहरामपुर, बिहारीपुर, चौगान, धरेरा, धौरऊ, गंगोली, गढ़ी बच्ची, गढ़ी पृथी, गुढ़ा, हसनपुर, हाजीपुर खेड़ा, कंजौली, खैरानी, खंदौली, खेरिया खंदौली, कुबेरपुर, मदनपुर, मदौर, मलपुरा, मिढ़ावली, मुंडी जहांगीरपुर, नादऊ, नगला गुखरौली, नगला मनी, नगला निशंख, नगला तुलसी, नानऊ, नवलपुर, नया बांस, नेकपुर, नेरा बांगर, पैंत खेड़ा, पर्बतपुर, पोइया, रामनगर खंदौली, सराय डे रूप्पा, सेमरा, सोरई, तालाब बुढ़िया, उजरई, ऊंचा।
यह होंगी खासियत
- न्यू आगरा अर्बन सेंटर नोएडा स्थित जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से करीब 120 किमी दूर होगा। हवाई अड्डे और न्यू आगरा के मध्य उच्च गति रेल संपर्क औद्योगिक और पर्यटन दोनों उद्देश्यों के लिए लाभकारी होगा। एनसीआर और आगरा की दूरी कम होगी।
- राया और टप्पल बाजना होते हुए आगरा और जेवर हवाई अड्डे के मध्य एक समर्पित कार्गो लाइन या माल ढुलाई लाइन होगी। इससे यमुना एक्सप्रेसवे पर अतिरिक्त भीड़ का दबाव डाले बगैर यातायात का तेजी से संचालन हो सकेगा।
- टूंडला जंक्शन पर बने डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर का टर्मिनल न्यू आगरा से सबसे नजदीक है। न्यू आगरा से समर्पित रेलवे लाइन फ्रेट कारिडोर से माल की तेजी से डिलीवरी के लिए लाभदायक होगी।
- बहु-माडल माल ढुलाई टर्मिनलों के निर्माण में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने का दृष्टिकोण न्यू आगरा में अपनाया जा सकता है। रेलवे और जेवर हवाई अड्डे के माल ढुलाई मार्गों को एकीकृत करने के लिए एक एकीकृत रेल-सड़क-हवाई माल ढुलाई टर्मिनल बनाना उपयाेगी होगा।
भू-उपयोग की स्थिति
भू-उपयोग, क्षेत्रफल हेक्टेयर में, प्रतिशत
आवासीय, 3527.65, 24.36
व्यावसायिक, 648.24, 4.48
औद्योगिक, 3025.21, 20.89
मिश्रित, 812.62, 5.61
पर्यटन, 680.72, 4.70
पब्लिक-सेमी पब्लिक, 1034.44, 7.14
हरित क्षेत्र, 2325.63, 16.06
परिवहन, 2189.22, 15.12
लाजिस्टिक, 158.84, 1.10
वॉटर बॉडी, 78.02, 0.54