अलीगढ़ में मिलीं कोटा से भागी तीन किशोरियां, परिवार की डांट से उठाया था कदम
राजस्थान के कोटा से भागी तीन नाबालिग लड़कियों को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने बरामद किया है। लड़कियों ने बताया कि माता-पिता की डांट और जबरन शादी क ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
कोटा से भागी तीन नाबालिग लड़कियां अलीगढ़ में मिलीं।
माता-पिता की डांट और शादी के डर से घर छोड़ा।
सोमवार को होगी किशोरियों की विस्तृत काउंसलिंग।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। राजस्थान के कोटा से आई तीन किशोरियों को रेलवे पुलिस ने रविवार को बरामद किया है। तीन किशोरियों को चाइल्ड को सुपुर्द कर स्वजन को सूचना दे दी गई है। पूछताछ में जानकारी सामने आई है कि मां-बाप ने डांटा था। यह भी बता रही हैं कि घर वाले उनकी बिना मर्जी के शादी कर रहे थे और वे दिल्ली काम करने के लिए निकली हैं। तीनों किशोरियां आने का कारण बदल-बदल कर बता रही हैं।
सोमवार को तीनों की काउंसिलिंग होगी। उस में ही भागने का सही कारण सामने आएगा। दो लड़कियों के पास मोबाइल भी मिले हैं। आपस में सहेलियां बताई जा रही हैं। प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार तिवारी ने बताया कि कोटा के थाना उद्योगनगर के इंचार्ज द्वारा उन्हें सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के प्रेम नगर की तीन नाबालिग लड़कियां कोटा राजस्थान से बिना बताए भाग कर जा रही हैं। दिल्ली से कानपुर की तरफ ट्रेन से निकली हैं। यह सूचना मिली कि वह अलीगढ़ जंक्शन पर हैं।
उपनिरीक्षक धीरज चौधरी हमराह स्टाफ व जीआरपी स्टाफ के द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो के माध्यम से स्टेशन पर चेक किया गया तो तीनों नाबालिग लड़कियां प्लेटफार्म नंबर पांच और छह के दिल्ली छोर की तरफ गुमशुम हालत में बैठी हुईं थीं। महिला स्टाफ की मदद से थाना लाया गया। वहां उनसे पूछताछ की। बताया कि वह तीनों दोस्त हैं और तीनों के मां-बाप के द्वारा उन्हें डांटा गया है जिस पर नाराज होकर वह तीनों एक राय होकर दिल्ली काम करने के लिए आईं थीं।
आपरेशन नन्हे फरिश्ते अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए तीनों के नाबालिग होने व बाल श्रम से बचाने के लिए चाइल्ड लाइन सुपरवाइजर मुनेश कुमारी व केस वर्कर योगेंद्र सिंह को सिपुर्द कर दिया है। स्वजन की ओर से इनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।