अलीगढ़ में कब है होली दहन और धुलेंडी का सही समय, नोट करें टाइमिंग; 2900 जगहों पर जलेगी होलिका
अलीगढ़ में होली पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, 2900 स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा और सीसीटीवी से निगरानी होगी। नगर निगम ने भी सफाई व पानी क ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, अलीगढ़। सामाजिक समरसता के संदेश का महापर्व होली को लेकर उत्साह है। सोमवार को पूजा और देर रात होलिका दहन होगा। शहर में अलग-अलग स्थानों पर होलिका दहन को लेकर होलिका बढ़ाने का सिलसिला जारी रहा। गली मोहल्लों में डीजे लगाने की तैयारी चल रही हैं। बच्चों और युवाओं की टोलियां घर-घर जाकर चंदा भी मांग रही है। उधर, बाजार की होली सोमवार को दोपहर के बाद शुरू हो जाएगी।
पूजन का समय शाम 06.18 से पूर्व, दहन का समय उत्तम समय तड़के 4.33 बजे
व्यापारी संजू गुप्ता, रंजन गुप्ता ने बताया कि छिपैटी चौक(सब्जी मंडी के पास) बाजार की मुख्य होली होगी। टेसू के फूल और रंग गुलाल की होली खेलेंगे। छिपैटी कन्फेक्शनरी एसोसिएशन के किशोर वार्ष्णेय ने बताया कि दोपहर 12 बजे के बाद से होली शुरू हो जाएगी।
अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल युवा के अध्यक्ष ध्रुवेश चंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि रेलवे रोड, बड़ा बाजार आदि में होली खेली जाएगी। सभी दुकानदार आपसी प्रेम व भाईचारा के साथ एक दूसरे गुलाल और रंग बरसाएंगे। जबरन किसी पर रंग न डालने की अपील की गई है। महावीरगंज खाद्यान्न व्यापार मंडल के महामंत्री विशाल भगत ने बताया कि प्राचीन हनुमान मंदिर के निकट सामूहिक होली खेली जाएगी। अलीगढ़ सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष विजय अग्रवाल ने कहा कि इस बार बाजार में होली फूलों से खेली जाएगी।
आज होलिका दहन, कल सुबह नौ बजे तक खेल सकेंगे होली
वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी पूर्णानंदपुरी ने बताया कि इस बार ग्रहण व तिथियों के फेर के चलते संशय में हो चुका है, लेकिन शास्त्रों के हिसाब से होलिका दहन सोमवार को होगा। इसी दिन होलिका की पूजा भी की जाएगी। धुलेंडी अर्थात रंग वाली होली कल यानी तीन मार्च को खेली जाएगी।
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भद्रा के चलते तीन मार्च
शास्त्रीय परंपरा प्रदोष काल में होलिका दहन की है, किंतु भद्रा के चलते इस बार तीन मार्च कल प्रातः 4.33 बजे से लेकर 06.46 बजे तक होलिका दहन अति उत्तम रहेगा। हालांकि प्रदोष कालीन होलिका दहन के लिए भद्रा का मुख काल त्यागकर सोमवार शाम 06.18 बजे से रात 02.37 बजे तक होलिका दहन कर सकते हैं। भद्रा का मुख काल रात व कल प्रातः 02.37 बजे से 04. 33 बजे तक रहेगा।
मंगलवार को सुबह नौ बजे तक कोई दोष नहीं
होली खेलने के लिए कल यानी मंगलवार को सुबह 09:00 बजे तक कोई दोष नहीं रहेगा। होलिका पूजन अपनी परंपराओं के अनुसार शाम 06.18 से पूर्व कर सकते हैं। मंगलवार को प्रातः नौ बजे तक होलिका में भुने हुए जौ के आदान-प्रदान भी कर सकते हैं। होलिका दहन के समय चार अथवा सात परिक्रमा कर नावान्न (जौ) को भून कर होलिका में समर्पित कर आदान प्रदान कर अपने से बड़ों का आशीर्वाद लें।
इसलिए मनाते हैं होली
मान्यता के अनुसार भक्त प्रह्लाद ईश्वर को समर्पित एक बालक थे लेकिन घमंडी और क्रूर राजा होने के साथ उसके पिता नास्तिक भी थे। उन्होंने अपने पुत्र को नास्तिक बनाने के सारे प्रयास किए, परन्तु प्रह्लाद में कोई परिवर्तन नहीं होने के कारण अपनी बहन होलिका की मदद से मारने की सोची। होलिका को वरदान प्राप्त था कि यदि वह अपनी गोद में किसी को भी लेकर अग्नि में प्रवेश करेगी तो वह भस्म हो जाएगा। प्रह्लाद को जलाने के लिए अपनी गोद में बिठाया परंतु प्रह्लाद के स्थान पर वह स्वयं जल गई।
होलिका दहन से पहले परंपरागत तरीके से पूजा की जाती है। होलिका दहन होने पर जौ की बालियां भूनकर लाते हैं। फिर एक दूसरे को देते हैं। आसपड़ोस की महिलाओं के साथ ूदसरों के घरों पर जाते हैं और गले मिलते हैं। घरों में गुझिया, दही पकोड़ी, फ्रूट क्रीम, चिप्स, पापड़ बनाते हैं। घर पर जो लोग होली मिलने आते हैं। उन्हें खिलाते हैं। हम भी दूसरों के घर पर जाते हैं।
उषा वार्ष्णेय गंभीरपुराहोली का महत्व हमारे जीवन में खुशियों और मिठाई को जोड़कर एक विशेष स्थान रखता है। होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं बल्कि बुराई पर अच्छाई की विजय है। भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए भगवान ने हस्तक्षेप किया और होलिका अग्नि में भस्म हो गई तभी से होलिका दहन की परंपरा तभी से शुरू हुई। इस पर्व पर घर-घर गुझिया व अन्य व्यंजन बनते हैं और मिलकर खाते हैं। दुर्गेश वार्ष्णेय, प्रीमियर नगर
होलिका दहन से पूर्व परिवार की सभी महिलाएं सोलह श्रृंगार कर होलिका की पूजा के लिए जाती हैं और पूजा के पश्चात परिवार के साथ भक्त प्रहलाद की कथा सुनती है। परिवार में होली की शान गुझिया, नमकीन व चटपटे व्यंजन बनाकर घर में आए मित्रों संबंधियों का स्वागत पूरे हर्ष और उल्लास के साथ किया जाता है। अपार्टमेंट में रहने वाले सभी मिलकर हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। वंदना कथूरिया, वैष्णो मैनर अपार्टमेंट, जेल रोड
आज 2900 स्थानों पर होगा होलिका दहन, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अलीगढ़। होली पर्व के तहत सोमवार देर रात जिलेभर में 2900 स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा। इसे लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सभी चिन्हित स्थलों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। पुलिस कंट्रोल रूम से भी जिलेभर की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
हाेलिका के स्थान पर पुलिस बल की तैनाती
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक होलिका दहन के स्थान इगलास क्षेत्र में 250 स्थानों पर होलिका दहन होगा। टप्पल में 121 और अकराबाद में 115 स्थान चिन्हित किए गए हैं। शहर क्षेत्र में सासनी गेट थाना क्षेत्र में सर्वाधिक 121 स्थानों पर होलिका दहन होगा, जबकि क्वार्सी क्षेत्र में 84 स्थानों पर होलिका जलाई जाएगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रत्येक स्थान पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
अलर्ट मोड़ पर डायल 112
होलिका दहन वाले स्थानों पर खाकी थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा क्विक रिस्पांस टीम, डायल 112 और मोबाइल पुलिस टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
एसएसपी नीरज जादौन ने लोगों से अपील की है कि होली का पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया है।
होलिका दहन वाले स्थानों के सीसी कैमरे किए सक्रिय
अलीगढ़। नगर निगम ने होली पर्व को शांतिपूर्वक मनाने के लिए होलिका दहन वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है। प्रमुख चौराहों व स्थानों पर सजाई जाने वाली होलिका के आस-पास के सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय किया गया है। इनको हैबिटेट सेंटर स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जोड़ा गया है। साथ ही आइसीसीसी में पुलिस के जवानों के साथ निगम की टीम बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराने के निर्देश भी नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा की ओर से दिए गए हैं।
प्रमुख स्थानों के आस-पास साफ-सफाई की व्यवस्था
नगर आयुक्त ने बताया कि होलिका दहन वाले प्रमुख स्थानों के आस-पास साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए नगर स्वास्थ्य विभाग व सुखमा सन्स कंपनी को बोला गया है। अर्बन एनवायरोटेक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिए गए हैं कि कूड़ा उठान समय से नियमित तौर पर किया जाए। लापरवाही मिलने पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम में 1533 हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय रहेगा। बाजारों में ड्रम में रंग बनाने के लिए पानी की उपलब्धता भी जलकल विभाग के टैंकरों द्वारा की जाएगी। साथ ही सुबह छह से आठ व दोपहर 12 से डेढ़ बजे तक जलापूर्ति कराई जाएगी। 1200 से अधिक सफाई कर्मचरियों की टीमों को अलग-अलग स्थान पर तैनात किया गया है।