कब है नौतपा? इस बार भीषण गर्मी के साथ अच्छे मानसून के संकेत, अलीगढ़ में भगवान का भोग बदला
नौतपा, जिसमें भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार नौतपा की गर्मी अच्छे मानसून का संकेत देती है, और इस बार अधिक मास के कारण आठ बड़ ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, अलीगढ़। इस बार गर्मी अप्रैल के महीने में गर्मी मई जैसे तेवर दिखा चुकी है। शनिवार से ज्येष्ठ मास भी शुरू हो चुका है। इसमें सूर्यदेव और ताकतवर हो जाते हैं। इसी ज्येष्ठता के कारण महीने को ज्येष्ठ कहा जाता है।
इस बार अधिक मास होने के कारण यह महीना 59 दिन का पड़ेगा। एक महीना अधिक होने के कारण इस बार आठ बड़े मंगलवार भी पड़ रहे हैं। इसी महीने में 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है।
सूर्य की ज्येष्ठता के कारण इस माह को कहा जाता है ज्येष्ठ मास
ज्योतिषाचार्य हृदय रंजन शर्मा के अनुसार हिंदू पंचांग में लिखा है कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में जिस दिन आद्रा नक्षत्र शुरू होता है, उस नक्षत्र से अगले 10 नक्षत्र तक नौतपा माना गया है। माना जाता है कि यही 10 नक्षत्र मानसून में पानी प्रदान करते हैं। 25 मई को सूर्यदेव तीन बजकर 38 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 15 दिनों तक इसी नक्षत्र में स्थित रहेंगे।
नौ दिन तक सूर्य का सर्वोच्च ताप होता है
- रोहिणी नक्षत्र में सूर्यदेव के प्रवेश से ही नौतपा भी प्रारंभ हो जाएंगे।
- इस नक्षत्र में सूर्यदेव 08 जून को दोपहर 01:33 तक रहेंगे।
- नौतपा से आशय सूर्य का नौ दिनों तक अपने सर्वोच्च ताप में होना है यानी इस दौरान गर्मी अपने चरम पर होती है।
- ज्योतिष गणना के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए आता है तो उन पंद्रह दिनों के पहले नौ दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं।
- इन शुरुआती नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता है।
- ज्योतिष के सूर्य सिद्धांत और श्रीमद् भागवत में नौतपा का वर्णन आता है।
- कहते हैं जब से ज्योतिष की रचना हुई, तभी से ही नौतपा भी चला आ रहा है।
- सनातन संस्कृति में सदियों से सूर्य को देवता के रूप में भी पूजा जाता रहा है।
खेती पर पड़ने वाला असर
नौतपा के दौरान यदि बरसात होती है तो मानसून के मौसम में सूखा पड़ने की संभावना रहती है और यदि नौतपा में भीषण गर्मी पड़े तो बरसात अच्छी होती है। खेतीबाड़ी भी बहुत अच्छी होती हैं। इस साल नौतपा में अलग-अलग दिन पड़ने वाले ऊर्जा प्रधान नक्षत्रों के प्रभाव से भयंकर गर्मी पड़ने की संभावना है।
नौतपा 25 मई से, भीषण गर्मी पड़ने पर अच्छी बरसात के संकेत
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि नौतपा के नौ दिनों तक तेज गर्मी पड़ती है तो आगामी मानसून में अच्छी बरसात होती है और नौतपा के दौरान बारिश हो तो मानसून कमजोर रहता है और खेती के लिए नुकसानदायक होता है
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खगोलीय महत्व
खगोल विज्ञान के अनुसार इस दौरान धरती पर सूर्य की किरणें सीधी लंबवत पड़ती हैं। जिस कारण तापमान अधिक बढ़ जाता है। यदि नौतपा के सभी दिन पूरे तपें तो यह अच्छी बरसात का संकेत होता है।
बचने के उपाय
इन दिनों व्रत उपवास और पूजा पाठ कर जलदान करना लाभकारी रहेगा। पशुओं के लिए चारा, पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करनी चाहिए। मजदूरों, राहगीरों को शर्बत और छाछ पिलाना चाहिए।
भगवान के भोग बदले, एसी में विश्राम
गर्मी को देखते हुए मंदिरों में भगवान के विग्रहों का खानपान भी बदल चुका है। भगवान विग्रहों पर चंदन का लेप किया जाता है। पोशाक भी हल्के रंग की हो गई है। भगवान के भोग में शीतल पेयपदार्थ दिए जा रहे हैं। इसमें गन्ने का जूस, बेल का शर्बत, फलों का जूस, सत्तू दिया जा रहा है। दोपहर और रात के भोजन में दाल, चावल और रोटी दिया जा रहा है। उन्हें दिन और रात में विश्राम के लिए एसी भी चलाए जा रहे हैं।
इस बार पड़ेंगे आठ बड़े मंगलवार
अधिक मास होने के कारण इस बार ज्येष्ठ मास दो मई से 29 जून तक रहेंगे। 19 वर्ष बाद दुर्लभ संयोग में आठ बड़े मंगलवार पड़ेंगे। पहला मंगलवार पांच मई, दूसरा 12 मई, तीसरा 19 मई, चौथा 26 मई, पांचवा दो जून, छठवां नौ जून, सातवां 16 जून और आठवां 23 जून को पड़ेगा। इस महीने वट सावित्री व्रत, गंगा दशहरा, निर्जला एकादशी, शनि जयंती त्योहार भी हैं।