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    अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर में NRT का सोलर ड्रोन: रक्षा मंत्रालय का मिला ऑर्डर, बेंगलुरु की कंपनी ने काम किया शुरू

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 03:50 PM (IST)

    बेंगलुरु की न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज (NRT) ने अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर में सोलर ड्रोन निर्माण इकाई स्थापित करना शुरू कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ...और पढ़ें

    ड्रोन की सांकेतिक इमेज। सोशल मीडिया।

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    जागरण संवाददाता, अलीगढ़। प्रधामंत्री नरेन्द्र मोदी का मिशन रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की मुहिम रंग ला रही है। डिफेंस इंडस्ट्रीज कॉरिडोर अलीगढ़ नोड में सोलर ड्रोन तैयार किए जाएंगे। बेंगलुरु स्थित डिफेंस रिसर्च एवं टेक्नोलॉजी कंपनी न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज (एनआरटी) ने मानव रहित विमान (यूएवी) निर्माण इकाई स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

    इसके लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने इस कंपनी को इसके लिए 3.5 एकड़ भूमि आवंटित की है। फैक्ट्री के लिए निर्माण शुरू हो गया है। कंपनी के सीईओ जूलियन को हाल ही में रक्षा मंत्रालय से सोलर पावर्ड यूएवी की आपूर्ति का आर्डर भी मिले हैं।

    रक्षा मंत्रालय का मिला ऑर्डर, तेजी से बनेंगी अन्य फैक्ट्रियां

    इस निवेश से ना केवल इंजीनियर व युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि अबतक ताला-हार्डवेयर निर्माण व आपूर्ति में अंतरराष्ट्रीय धाक जमाए हुए है। अब रक्षा क्षेत्र व देश-दुनिया की सेना के लिए उपलब्ध होने वाले हथियारों के कलपुर्जे तैयार किए जाएंगे। ब्रह्मेस जैसी मिसाइल पर यहां बने कलपुर्जे लगे हैं। अब इस नई फैक्टरी की स्थापना से अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर में अब वास्तविक औद्योगिक गतिविधियां तेजी से आकार लेने लगी हैं।

    निवेश और समझौता पर अमल शुरू

    अब तक डिफेंस कॉरिडोर में निवेश प्रस्तावों और समझौता पर अमल होने लगा है। अब उत्पादन इकाइयों की स्थापना और निर्माण कार्य शुरू होने से परियोजना जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। कंपनी की प्रस्तावित इकाई में यूएवी और उससे जुड़ी आधुनिक प्रणालियों के निर्माण की संभावना है।

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    रक्षा क्षेत्र में ड्रोन और मानव रहित प्रणालियों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए यह निवेश रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेना की निगरानी, सीमा सुरक्षा, खुफिया जानकारी जुटाने और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में यूएवी की मांग लगातार बढ़ रही है।

    तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी

    अलीगढ़ नोड में एनआरटी की एंट्री को स्थानीय उद्योगों के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। ड्रोन निर्माण में बड़ी संख्या में प्रिसिजन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, मेटल फैब्रिकेशन और सपोर्ट सिस्टम की जरूरत होती है। इससे स्थानीय उद्योगों को आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर मिल सकता है।

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    इससे ड्रोन और रक्षा तकनीक क्षेत्र में ताला नगरी की भागीदारी बढ़ेगी। स्थानीय उद्योगों को सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा। तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। औद्योगिक पहचान को नया आयाम मिलेगा।

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    डिफेंस इंडस्ट्रीज कॉरिडोर अलीगढ़ नोड कई मामलों में आगे है। यहां का एयरपोर्ट, रोड कनेक्टविटी व अन्य संसाधन उद्योगपतियों के अनकूल है। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रारंभ होने से अब कारिडोर में निवेशक तेजी से काम करना प्रारंभ कर देंगे।

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    धनजीत वाड्रा, चेयरमैन, एलन एंड एलवन

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लेकर आगे बढ़े हैं। अब यह कारवां बन चुका है। अलीगढ़ नोड में सोलर ड्रोन की बेंगलुरु की कंपनी ने निवेश किया है। इस ड्रोन की वैटरी सूरज की किरणों से ही चार्ज होंगी। फैक्ट्री पर काम प्रारंभ हो गया है।

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    संजय सिंह, समन्वयक, यूपीडा