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    अंबेडकरनगर में अकबरपुर और कलेसर विद्युत उपकेंद्र बनेंगे अत्याधुनिक मॉडल, उपभोक्ताओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 04:48 PM (GMT+05:30)

    अंबेडकरनगर के अकबरपुर और कलेसर विद्युत उपकेंद्रों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. उपकेंद्रों पर पेयजल, शौचालय और शेड की व्यवस्था होगी।

    2. बिल भुगतान व शिकायत निवारण के लिए अलग काउंटर बनेंगे।

    3. बिजली चोरी रोकने और निर्बाध आपूर्ति पर जोर रहेगा।

    जागरण संवाददाता, अंबेडकरनगर। अकबरपुर व कलेसर विद्युत उपकेंद्र को सुविधाओं से लैस करके मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका चयन मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ निदेशक (तकनीकी) कार्यालय से किया गया है उपकेंद्र में उपभोक्ताओं के लिए शौचालय बनेगा।

    पेयजल के लिए आरओ सिस्टम लगेगा। बैठने को स्टील की बेंच की व्यवस्था व काउंटर के बाहर शेड होगा। सर्वर दुरुस्त करके तेजी से बिल जमा करने की सुविधा होगी। बिल में गड़बड़ी समेत सभी प्रकार की शिकायतों के निस्तारण का एक अलग काउंटर बनेगा। बिल संशोधित कराने की भी व्यवस्था रहेगी।

    किसी मोहल्ले का ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायत पर मोबाइल ट्रांसफार्मर की भी व्यवस्था होगी। विद्युत उपकेंद्र को रंग-रोगन से चमकाया जाएगा। ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त किया जाएगा और मुख्य मार्ग से नई रोड बनेगी। सफाई की नई व्यवस्था होगी। कर्मियों को ग्लव्स, जूते और सीढ़ी जैसे सामान दिए जाएंगे।

    हाइड्रोलिक सीढ़ी ली जाएगी। राजस्व बढ़ाने पर जोर निगम को राजस्व अर्जित करने में भी आगे रहेगा बिजली की चोरी रोकी जाएगी। जर्जर फीडर मशीनरी, लाइन व भवन की मरम्मत होगी।

    कटिया मारी रोकने समेत बिजली आपूर्ति की समस्या का त्वरित समाधान करके निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी। अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र पर संचालित नौ फीडरों से कलेक्ट्रेट विकास भवन, पुलिस लाइंस, तहसील, नगर पालिका, वीआइपी कालोनी, गांधीनगर, पटेलनगर, शास्त्रीनगर, मीरानपुर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर एवं आधे शहर संग 100 गांवों को बिजली की आपूर्ति की जाती है।

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    उपकेंद्र से 20 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। कलेसर उपकेंद्र से जुड़े छह फीडरों से 55 गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। इनमें 11 हजार घरेलू व व्यावसायिक संग एक हजार से अधिक कृषि नलकूप के कनेक्शन हैं।

    यहां आए दिन लो वोल्टेज व जर्जर संसाधनों की वजह से सर्दी, गर्मी और बरसात के मौसम में उपभोक्ताओं को बिजली की समस्या से जूझना पड़ता है। मॉडल उपकेंद्र विकसित होने के समस्या दूर होने की उम्मीद है।

    अकबरपुर व कलेसर उपकेंद्र मॉडल बनाए जाएंगे। इनसे जुड़े सभी विवरण तैयार कराए जा रहे हैं। बजट स्वीकृत होते ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा। निदेशालय के निर्देश पर योजना बनी है। इस पर अमल किया जाएगा।

    -रजनीश श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता

     

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