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    अंबेडकर नगर के 28 फीडरों पर लगेगा डिजिटल रिले, तार टूटने या फॉल्ट होने पर बंद होगी बिजली आपूर्ति

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 04:34 PM (IST)

    अंबेडकरनगर में बिजली हादसों को रोकने और निर्बाध आपूर्ति के लिए 28 नए फीडरों पर डिजिटल रिले लगाए जाएंगे। यह आधुनिक उपकरण तारों पर डाल गिरने या फॉल्ट हो ...और पढ़ें

    अंबेडकर नगर में लगेगा डिजिटल रिले।

    अंबेडकर नगर में लगेगा डिजिटल रिले।

    HighLights

    1. 28 फीडरों पर लगेंगे डिजिटल रिले, 10 लाख का खर्च।

    2. तार टूटने या फॉल्ट पर तुरंत बंद होगी बिजली आपूर्ति।

    3. हादसों पर अंकुश, निर्बाध आपूर्ति और त्वरित फॉल्ट पहचान।

    उपेंद्र मौर्य, अंबेडकर नगर। तारों पर पेड़ की डाली गिरने या लोकल फॉल्ट होने पर डिजिटल रिले तुरंत फीडर ट्रिप कर बंद कर देगा। इससे बिजली से होने वाले हादसों पर भी अंकुश लगेगा। यह उन्नत इलेक्ट्रानिक स्विचिंग और सुरक्षा उपकरण लगाने पर निगम 10 लाख रुपये खर्च करेगा। 11 हजार वोल्टेज की लाइनों से लगातार हो रहीं घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ट्रॉयल के तौर पर 28 नए फीडरों पर डिजिटल रिले लगाया जाएगा। यह बड़ी खराबी होने की जानकारी भी फीडर पर देगा।

    जिले के 42 विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े 33 नगरीय तथा 113 ग्रामीण फीडरों से चार लाख 30 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। पुराने फीडरों में डिजिटल रिले न होने की वजह से आंधी और बारिश में लगातार बिजली आपूर्ति होती थी। तार टूटने के बाद भी आपूर्ति बंद नहीं होती थी। ऐसे में कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। रोकथाम के लिए भीटी, कटेहरी, टांडा जलालपुर, आलापुर ,रामनगर, अकबरपुर, अशरफपुर बरवां, बैरमपुर बरवां, कल्याणपुर, बेवाना, जाफरगंज, मालीपुर, सिकरोहर, नसीरपुर, बाबा झारखंड फीडर पर डिजिटल रिले लगाए जाएंगे।

    डिजिटल रिले के लाभ

    अधिशासी अभियंता प्रेमचंद ने बताया कि डिजिटल रिले एक आधुनिक सुरक्षा उपकरण है, जो माइक्रोप्रोसेसर और साफ्टवेयर-आधारित एल्गोरिदम का उपयोग करके विद्युत प्रणालियों में त्रुटियों (फॉल्ट) का तेजी से और सटीकता के साथ पता लगाता है। पारंपरिक यांत्रिक रिले के विपरीत, यह विद्युत धाराओं की निगरानी करता है और असामान्यताओं की पहचान होने पर तुरंत सर्किट ब्रेकर को ट्रिप सिग्नल भेज देता है।

    डिजिटल रिले की कार्यप्रणाली को मुख्य रूप से तीन चरणों में विभाजित किया जा सकता है। बारिश के दौरान तार टूटने, जंपर उड़ने, इंसुलेटर खराबी, ट्रांसफार्मर ओवर करंट होने पर स्वयं फीडर बंद हो जाएगा। बारिश के दौरान किस स्थान पर कितना बड़ा फाल्ट है, यह भी रिले बताया। इससे बिजली कर्मियों को आसानी से फॉल्ट का पता चलेगा।

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    विद्युत सुरक्षा को लेकर 28 नए फीडरों पर डिजिटल रिले लगाया जाएगा। इससे कुछ हद तक हादसों पर रोक लगेगी। निर्बाध बिजली आपूर्ति में मदद मिलेगी तथा लोकल फाल्ट की समस्या जल्द दूर होगी।- रजनीश श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता

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