अंबेडकरनगर में बारिश शुरू होते ही बिलों से निकले जहरीले जीव, सांप-बिच्छू के डसने से 18 लोग पहुंचे अस्पताल
बारिश शुरू होते ही अंबेडकरनगर में सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीवों के काटने की घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले 24 घंटों में जिला अस्पताल में सर्पदंश के 18 और ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
बारिश में अंबेडकरनगर में बढ़े सांप-बिच्छू के काटने के मामले।
24 घंटे में 18 सर्पदंश, 2 बिच्छू डंक के मरीज अस्पताल पहुंचे।
सीएमएस ने झाड़-फूंक से बचने और तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी।
संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। बारिश शुरू होते ही सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव बिलों से बाहर निकलने लगते हैं। ये जलभराव वाले स्थानों से ऊंचाई पर या रिहायशी इलाकों की ओर चल देते हैं। इस दौरान जो भी रास्ते में आता उसे डस लेते, डंक मार देते हैं। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वॉर्ड में 24 घंटे के भीतर बिच्छू के डंक मारने से दो और सर्पदंश से पीड़ित 18 लोग पहुंचे। इनमें से आठ अभी तक भर्ती हैं, 10 को घर भेज दिया गया। एंटी स्नेक वेनम लगने के बाद इनकी हालत में सुधार आया।
कुछ मरीज सर्प दंश से घबराहट के भी थे, जिनमें जहर के लक्षण नहीं थे। जलालपुर के गोविंद कुमार को सांप ने डस लिया। पिता जयप्रकाश ने बताया कि खेत में पशुओं का चारा काटने गए थे। झाड़ियों में सांप बैठा हुआ। रगड़गंज के सूरज वर्मा को धान की रोपाई के दौरान सांप ने डस लिया। सेहरा जलालपुर की कुसुमलता को सोते समय व बेवाना की गुड़िया पत्नी शुभम कुमार को खेत में सांप ने डस लिया।
वहीं, कटेहरी के बरामदपुर जरियारी के कुलदीप कुमार को पशुओं का चारा काटते समय व मालीपुर के संजय वर्मा को भी बिच्छू ने डंक मार दिया। इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालात में सुधार होने पर घर भेज दिया गया। सीएमएस डा. पीएन यादव ने बताया कि सर्पदंश पर सबसे पहले 108 एंबुलेंस को सूचना दें।
पीड़ित को शांत रखें और अनावश्यक हिलने-डुलने न दें, क्योंकि इससे जहर तेजी से फैल सकता है। काटे गए स्थान के आसपास से कपड़े या आभूषण हटा दें, घाव को साबुन-पानी से साफ कर कपड़े से ढक दें और बिना देरी अस्पताल पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार के चक्कर में समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है। सर्पदंश का एकमात्र प्रभावी उपचार समय पर अस्पताल पहुंचकर एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) लेना है।