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    अंबेडकरनगर के टांडा और आलापुर में बढ़ी चिंता, सरयू का जलस्तर स्थिर होने के बाद कटान तेज

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 03:50 PM (IST)

    पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बाद सरयू नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है, जो खतरे के निशान से 73 सेमी नीचे है। ...और पढ़ें

    उफनाई सरयू खतरे के निशान से 73 सेमी दूर, कटान तेज।

    उफनाई सरयू खतरे के निशान से 73 सेमी दूर, कटान तेज।

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    जागरण संवाददाता, अंबेडकरनगर। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिर हो गया। अभी खतरे के निशान से 73 सेमी दूर है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में कटान भी तेज हो गई। गनीमत है कि कटान आबादी के पास नहीं हो रही है।

    टांडा: नदी का जल स्तर मंगलवार चार बजे से बुधवार की सुबह आठ बजे तक 92 मीटर स्थिर रहा। यह अब खतरे के चेतावनी निशान 91.73 से 37 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।

    चेतावनी स्तर 91.73 मीटर से 27 सेंटीमीटर नीचे है। खतरे के निशान 92.73 मीटर से जलस्तर 73 सेंटीमीटर नीचे है नदी का जलस्तर ठहर जाने से बाढ़ की आशंका नजर नहीं आ रही है। जिला प्रशासन प्रति घंटे जलस्तर पर निगरानी कर रहा है।

    आलापुर: बाढ़ से टांडा तथा आलापुर तहसील के 34 गांव प्रभावित होते हैं। मांझा कम्हरिया, आराजी देवारा और इटौरा ढोलीपुर के आसपास नदी किनारे कटान तेज हो गई है।

    इटौरा ढोलीपुर के पूर्वी हिस्से में नदी धीरे-धीरे खेतों को काट रही है। धान की रोपाई के बीच बढ़ती कटान किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है।

    प्रभावित स्थलों पर पहले समतलीकरण कराया जा रहा है और अब बंबू क्रेट लगाने की तैयारी तेज कर दी गई है। मवेशियों व जरूरी सामान के सुरक्षा की चिंता है। परवेश निषाद, पतिराम, मंशा, सुरेश, रामचंदर का कहना है कि अभी पानी गांवों तक नहीं पहुंचा है, लेकिन नदी का रुख देखकर आशंका बढ़ गई है।

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