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    अमेठी में 180 स्कूली वाहनों के फिटनेस व परमिट फेल, स्कूलों की मान्यता पर संकट

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 10:04 PM (IST)

    अमेठी में 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत 180 स्कूली वाहनों के फिटनेस और परमिट फेल पाए गए हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं। प्रशासन ने स ...और पढ़ें

    180 स्कूली वाहनों के फिटनेस व परमिट फेल। AI जेनरेटेड फोटो

    180 स्कूली वाहनों के फिटनेस व परमिट फेल। AI जेनरेटेड फोटो

    HighLights

    1. अमेठी में 180 स्कूली वाहनों के फिटनेस-परमिट फेल पाए गए।

    2. 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत हुई थी यह जांच।

    3. नियमों का पालन न करने पर स्कूलों की मान्यता रद्द होगी।

    जागरण संवाददाता, अमेठी। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से समझौता करने वाले स्कूलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मानक विहीन वाहनों से बच्चों की ढुलाई कराने वाले स्कूलों की मान्यता पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मिशन सेफ फ्यूचर अभियान के तहत हुई जांच में 180 स्कूली वाहन नियमों पर खरे नहीं उतरे।

    संबंधित स्कूल को एक सप्ताह का समय वाहन के समस्त अभिलेख पूर्ण करने का समय दिया गया है। बावजूद इसके मानक पूरा नहीं किया गया, तो संबंधित स्कूलों की मान्यता रद करने की प्रक्रिया होगी।

    एआरटीओ प्रशासन महेंद्र बाबू गुप्ता ने बताया कि वर्तमान समय में 607 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इन्हीं वाहनों की निगरानी और जांच के लिए परिवहन विभाग द्वारा मिशन सेफ फ्यूचर अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्कूल वाहनों के फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है। अभियान के दौरान 128 वाहनों के परमिट व 52 वाहनों की फिटनेस फेल पाई गई।

    बावजूद इसके प्रतिदिन बच्चों की ढुलाई करने की बात सामने आ रही है। इससे उनकी जान खतरे में पड़ सकती थी। बताया कि संबंधित स्कूलों को अंतिम अवसर देते हुए सभी वाहनों को शत-प्रतिशत मानकों के अनुरूप करने का निर्देश दिया गया है।

    साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजकर नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की गई है। बताया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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    निर्धारित समय सीमा के भीतर खामियां दूर नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई होगी। मिशन सेफ फ्यूचर के तहत आगे भी जांच अभियान जारी रहेगा, ताकि स्कूली बच्चों का सफर पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।

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