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    अमरोहा में गजब का 'खेल': जेब में रखा ट्रांसफर लेटर और रातों-रात सरकारी खाते से साफ कर दिए ₹25 लाख!

    Updated: Fri, 20 Mar 2026 08:15 AM (IST)

    अमरोहा में दो पंचायत सचिवों, रामनिवास और कावेंद्र सिंह, ने क्लस्टर बदलने के आदेश के बावजूद नए सचिवों को चार्ज नहीं दिया। उन्होंने जानबूझकर पंचायतों के ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक चित्र

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    HighLights

    1. कलस्टर बदलने का आदेश होने के बाद भी दूसरे सचिवों को नहीं दिया था चार्ज

    2. चार्ज नहीं मिलने पर सचिवों ने डीएम से की थी शिकायत, एडीपीआरओ ने की जांच

    जागरण संवाददाता, अमरोहा। लगता है अफसरों के आदेश अधीनस्थों पर बेअसर हैं। और हो भी क्यों ना..। क्योंकि, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस दिए जाते हैं। इसके बाद सबकुछ भूल जाते हैं। पंचायती राज विभाग के नए-नए मामले चौंकाते हैं। एक और मामला सामने आया है। इसमें दो पंचायत सचिवों के कलस्टर बदल दिए गए। आदेश भी उपलब्ध करवा दिए गए। लेकिन, उन्होंने दूसरों को कार्यभार ग्रहण नहीं करने दिया। न ही अभिलेख सौंपे।

    आदेश जेब में रखकर करीब 25 लाख रुपये पंचायताें के खातों से निकाल लिये। प्रकरण डीएम कार्यालय तक पहुंचा तो जांच शुरू हुई। जिसमें दोनों पंचायत सचिव दोषी पाए गए हैं। एडीओ पंचायत की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। जांच अधिकारी ने अगली कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।

    हसनपुर ब्लाक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी हुमा परवीन व रोनिल अली ने डीएम को बीती 14 मार्च को शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी तैनात सौंहत व शाहपुर कलस्टर पर सचिव के रूप में हुई है लेकिन, ग्राम पंचायत के सचिव रामनिवास व कावेंद्र सिंह द्वारा पंचायत से भुगतान किया जा रहा है। उनको अभिलेख नहीं दिए जा रहे हैं। न ही चार्ज सौंपा जा रहा है।

    इसकी सूचना एडीओ को व्हाट्सएप पर भेज दी गई थी। कलस्टर बदलने के बाद भी दोनों सचिवों ने पंचायत के खातों से धनराशि निकाली। अधिकारियों को अवगत कराया कि उनको कलस्टर से हटने की कोई सूचना प्राप्त नहीं कराई। शिकायती पत्र के आधार पर डीएम ने मामले की जांच एडीपीआरओ विमल कुमार को सौंप दी।

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    एडीपीआरओ ने मामले की जांच की। जिसमें उन्होंने पाया कि पंचायत सचिव कावेंद्र सिंह ने कलस्टर की तीन पंचायतों शाहपुर कलां, कनेटा, झुंडी माफी से कलस्टर बदलने के बाद 1033401 रुपये व रामनिवास ने सौहत, सुल्तानपुर भीमा, कुआडाली, पंडकी, चमरपतेई पंचायतों से करीब 1591153 रुपये निकाले हैं।

    जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पंचायत सचिव कावेंद्र सिंह व रामनिवास द्वारा आदेश की जानकारी होते हुए भी जानबूझकर गलत मंशा एवं कपटपूर्ण तरीके से धनराशि आहरित की गई है। एडीओ ने रोनिल अली को कलस्टर पर तैनाती होने की सात मार्च को बधाई दी।

    इससे स्पष्ट होता है कि एडीओ पंचायत को आदेश की पूर्ण जानकारी थी। इसके बाद भी उन्होंने पूर्व साथियों के डीएससी अनरजिस्टर नहीं किए। जिसकी वजह से प्रकरण में उनकी संलिप्तता भी परिलक्षित होती है। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।

     

    जिलाधिकारी द्वारा जांच सौंपी गई थी। उसको पूरा करके उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। अगली कार्रवाई जिलाधिकारी द्वारा ही की जाएगी।

    - विमल कुमार, एडीपीआरओ


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