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    गंगा फिर उफान पर! बिजनौर बैराज से छोड़ा 2 लाख क्यूसेक पानी, खतरे के निशान के करीब पहुंचा जलस्तर

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 07:40 PM (IST)

    पर्वतीय बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जो खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। इससे खादर क्षेत्र क ...और पढ़ें

    गजरौला तिगरी गंगा का जल स्तर बढ़ा। जागरण

    गजरौला तिगरी गंगा का जल स्तर बढ़ा। जागरण

    संवाद सहयोगी, गजरौला (अमरोहा)। पर्वतीय क्षेत्रों पर हो रही बारिश और बिजनौर स्थित चौधरी चरण सिंह बैराज से लगातार भारी मात्रा में छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा का जलस्तर फिर से वृद्धि की ओर रफ्तार पकड़ने लगा है। बीते दिन जहां 10 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई थी तो वहीं शुक्रवार को वृद्धि का यह आंकड़ा बढ़कर 20 सेंटीमीटर पहुंच गया है।

    अब गंगा का गेज 200.65 मीटर पर आ गया है जो कि खतरे के निशान से महज 1.35 मीटर नीचे है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने के कारण बाढ़ खंड विभाग की टीमों ने की सक्रियता और बढ़ा दी है। तटबंधों का मुआयना किया जा रहा है तो वहीं बाढ़ चौकियां की अलर्ट हैं। इधर खादर क्षेत्र के खेतों में फसलें बाढ़ के पानी के कारण गलने की कगार पर हैं। किसान अपनी पशुओं को हरा चारा भी नहीं दे पा रहे हैं।

    इस सप्ताह में सोमवार और मंगलवार को गंगा के जलस्तर में कमी दर्ज की गई थी तो वहीं बुधवार को जलस्तर स्थिर रहा था। गुरुवार को फिर से गंगा ने उफान लिया और 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई, इसके बाद शुक्रवार को जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि होने से जलस्तर फिर से उछाल ले रहा है।

    जलस्तर में वृद्धि के कारण गंगा के समीप स्थित फसलों का काफी नुकसान हो रहा है साथ ही टापू पर बसे दारानगर, भुड्डी आदि समेत छह गांवों के लोगों के सामने संकट बढ़ रहा है। एक तरफ इन्हें गंगा के पानी से खतरा है तो वहीं दूसरी तरफ रामगंगा नहर का पानी भी बढ़कर चल रहा है।

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    जल स्तर जितना ज्यादा बढ़ेगा, उतना ही इन गांव के लोगों की चिंता की बढ़ती जाएगी, क्योंकि बाढ़ का सबसे ज्यादा नुकसान इन्हीं गांवों के लोगों को उठाना पड़ेगा।

    हालांकि प्रशासन बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम होने की बात कह रहा है, पिछले दिनों एसडीएम शैलेश दुबे ने भी ग्रामीण क्षेत्र का जायजा लिया था। बाढ़ खंड विभाग के जेई सुभाष कुमार ने बताया कि शुक्रवार को 20 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई। बताया कि जलस्तर खतरे के निशान से कम है, लेकिन फिर भी विभाग द्वारा पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

    कई गांवों की हजारों बीघा फसलों में भरा बाढ़ का पानी

    गंगा का जलस्तर बढ़ने से ओसीता जगदेवपुर, कबीरपुर आदि सहित टापू पर बसे गांव के किसानों की हजारों बीघा फसलें जलमग्न हैं। धान और सब्जियों की छोटी फसलें तो पहले ही बर्बाद हो चुकी हैं तो वहीं ईख और हरे चारे में भी कई दिन से पानी भरा होने के कारण फसलों पर पीलापन आने लगा है।

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