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    4 इंजेक्शन भी नहीं बचा सके जान: हसनपुर में आवारा कुत्तों के हमले के 19 दिन बाद किसान की रेबीज से मौत

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 08:46 PM (IST)

    हसनपुर में आवारा कुत्तों के काटने से घायल हुए 60 वर्षीय किसान बाबूराम की 19 दिन बाद रेबीज से मृत्यु हो गई, जिससे परिवार में मातम छा गया। इसी क्षेत्र म ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक इमेज

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    1. 15 जुलाई को आवारा कुत्तों के झुंड ने दो गांवों में मासूम बच्ची समेत पांच को किया था घायल। 

    संवाद सहयोगी, हसनपुर (अमरोहा)। आवारा कुत्तों के काटने से गंभीर रूप से घायल हुए किसान की एंटी रेबीज लगवाने के बाद भी 19 दिन तक चले इलाज के बावजूद रेबीज से मृत्यु हो गई। किसान की मौत होने से परिवार में चीत्कार मचा है। हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के बाईखेड़ा मिलक में 15 जुलाई को दोपहर आवारा कुत्तों का झुंड गांव के बाहरी छोर पर स्थित जयपाल सिंह के दरवाजा रहित घर में घुस गया था।

    कुत्तों ने गृहस्वामी की पत्नी ओमवती, पुत्र जगदीश तथा पुत्रवधू जगवती के अलावा उनके भाई की दो वर्षीय पोती राधिका को काटकर घायल कर दिया था। इसके बाद पड़ोसी गांव लठीरा माफी में रास्ते से गुजर रहे 60 वर्षीय किसान बाबूराम को कुत्तों ने नोच कर बुरी तरह से घायल कर दिया था। कुत्तों ने उनके सिर को भी नोच डाला था।

    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसनपुर में एंटी रेबीज लगाने के साथ ही प्राथमिक उपचार करने के बाद चिकित्साधीक्षक ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। जिला अस्पताल में भी बाबूराम की हालत में कोई सुधार नहीं होने पर स्वजन पहले मेरठ और बाद में दिल्ली ले गए थे।

    कई दिन इलाज करने के बाद रविवार स्वजन अपने घर ले आए थे। रेबीज के चलते सोमवार शाम घर पर ही उनकी मृत्यु हो गई। बाबूराम ने अपने पीछे चार बेटे और दो बेटियां छोड़ी हैं।

    लठीरा माफी में रेबीज से एक साल में दो की मौत

    तहसील क्षेत्र के लठीरा माफी गांव में एक वर्ष में कुत्तों के काटने के बाद रेबीज होने से दो लोगों की मृत्यु से लोग भयभीत हो गए हैं। दो जुलाई 2025 को गांव निवासी किसान मनीराम सिंह के 13 वर्षीय बेटे बालकिशन की कुत्ते के काटने के बाद रेबीज होने से जान चली गई थी। इसके ठीक एक वर्ष बाद कुत्तों के काटने के बाद ही रेबीज होने से किसान बाबूराम की मृत्यु हो गई।

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    आवारा कुत्तों के हमलों से बच्चों समेत 13 की गई जान

    तहसील क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमलों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ सालों में आवारा कुत्ते तीन महिलाओं और बच्चों समेत 13 लोगों की जान ले चुके हैं। जबकि, सैकड़ों लोग कुत्तों के हमलों में घायल हुए हैं।

    साल 2021 से अब तक पांच साल में आवारा कुत्तों के हमलों में शरद कुमार 12, आर्यन आठ, निवासी रामपुर भूड़, कनिष्क 12 व राजवती 40 निवासी दीपपुर, नथिया देवी 60 निवासी बिजनौरा, रिंकी 14, निवासी हुसैनपुर, शशिकांत नौ, निवासी उधनपुर, नसीमा 35 निवासी मुहल्ला कायस्थान हसनपुर, काव्या दो वर्ष निवासी मनौटा, संजना आठ, निवासी फूलपुर बीझलपुर, आशीष कुमार डेढ़ साल, निवासी मोदी नगर गाजियाबाद, बालकिशन 13 तथा बाबुराम 60 वर्ष निवासी लठीरा माफी की जान जा चुकी है।

     

    आवारा कुत्तों के हमले में बाबूराम बुरी तरह घायल हो गए थे। कुत्तों ने उनके सिर को भी चबाकर बुरी तरह घायल कर दिया था। हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उनके एंटी रेबीज के चार इंजेक्शन लगाकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। उनकी मृत्यु दुखद है। सिर में जख्म होने के बाद चांस कम ही रह जाते हैं।

    - डाॅ. धुर्वेंद्र सिंह चिकित्सा अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसनपुर।


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