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    'पहचान छिपाकर कारोबार गलत': स्वामी यतींद्रानंद गिरि का बड़ा बयान; बोले- अब सनातन और राष्ट्रवाद पर ही चलेगी देश की राजनीति

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 03:36 PM (IST)

    श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि देश की राजनीति अब राष्ट्रवाद और सनातन के मुद्दों पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने मु ...और पढ़ें

    गजरौला में स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज का स्वागत करते श्रद्धालु। जागरण

    गजरौला में स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज का स्वागत करते श्रद्धालु। जागरण

    HighLights

    1. बोले, देश की राजनीति राष्ट्रवाद और सनातन के मुद्दों पर आगे बढ़ेगी

    संवाद सहयोगी, गजरौला (अमरोहा)। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा हरिद्वार के पीठाधीराश्वर महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि मुस्लिमों द्वारा अपने होटल आदि के नाम भगवान और देवी-देवताओं के नाम पर रखा जाना गलत है। नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि दूसरे धर्मों के लोगों द्वारा देवी देवताओं के नाम पर व्यवसाय करना गलत है।

    शुक्रवार को भाजपा नेता चौधरी उधम सिंह के मानसरोवर कालोनी स्थित आवास पर उनका स्वागत किया गया। स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग अपनी पहचान छिपाकर हिंदू धार्मिक नामों से कारोबार कर रहे हैं। हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम कारोबारी भी व्यापार करते हैं, लेकिन यही मुस्लिम पर कांवड़ पर पत्थर मारते हैं।

    राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर गोली चलने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उस समय कारसेवकों पर गोली चलाने का निर्णय राजनीतिक स्तर पर लिया गया था। राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि अब देश की राजनीति राष्ट्रवाद और सनातन के मुद्दों पर आगे बढ़ेगी।

    उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता सब देख रही है तथा समय आने पर अपना निर्णय देगी। कहा कि प्रधानमंत्री न किसी पार्टी का होता है, न किसी व्यक्ति का होता है। वह पूरे देश का प्रधानमंत्री होता है। इसलिए प्रधानमंत्री के प्रति अनुचित भाषा का इस्तेमाल करना बिल्कुल गलत है।

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    दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन को लेकर उन्होंने इसे एक साजिश करार देते हुए कहा कि इसमें विदेशी ताकतों की भूमिका की जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाए तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

    रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर उन्होंने कहा कि यदि वह सरकारी भूमि और सरकारी संसाधनों से संचालित है तो उसका संचालन पूरी तरह सरकार के अधीन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रशासन और कुलपति भी सरकारी व्यवस्था के अंतर्गत होने चाहिए।

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