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    UP Panchayat Chunav: अमरोहा में 576 पंचायतों का बिगड़ेगा समीकरण! आरक्षण के नए फॉर्मूले से दावेदारों की उड़ी नींद

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    अमरोहा में पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण के नए फॉर्मूले से 576 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के दावेदारों के समीकरण बिगड़ सकते हैं। पिछड़ा वर्ग आयोग के दौ ...और पढ़ें

    पंचायत चुनाव

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    1. आयोग ने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से प्राप्त किए आरक्षण पर अभिमत

    जागरण संवाददाता, अमरोहा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अभी समय है, लेकिन आरक्षण को लेकर संभावित प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। पिछड़ा वर्ग आरक्षण के साथ ही अन्य वर्गों के आरक्षण में बदलाव की संभावना से ग्राम प्रधान पद के दावेदारों के चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। अमरोहा नगर पालिका सीमा विस्तार के बाद ग्राम पंचायतों की संख्या भी घट गई है, जिससे आरक्षण की स्थिति में बदलाव होना तय माना जा रहा है।

    बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रामऔतार सिंह के नेतृत्व में टीम अमरोहा पहुंची। आयोग के समक्ष जिले की 576 ग्राम पंचायतों के आरक्षण से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए गए। आयोग ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पिछड़ा वर्ग की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्थिति सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी जुटाई।

    इसके बाद जोया ब्लाक पहुंचकर लोगों से सुझाव और अभिमत भी लिए। कलक्ट्रेट पहुंचने पर आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रामऔतार सिंह, सदस्य बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा, एसपी सिंह और विशेष कार्याधिकारी एमए अंसारी का जिलाधिकारी डा. नितिन गौड़, मुख्य विकास अधिकारी एके मिश्र और जिला पंचायत राज अधिकारी ने स्वागत किया।

    इसके बाद गांधी सभागार में बैठक हुई। आयोग अध्यक्ष ने बताया कि आयोग का उद्देश्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक स्थिति का अध्ययन कर स्थानीय ग्रामीण निकायों में उनके राजनीतिक आरक्षण की स्थिति का आकलन करना है। बैठक में पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग की भागीदारी और आरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

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    जिला पंचायत राज अधिकारी नितिन कुमार ने बताया कि जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या 7,51,508 यानी 57.44 प्रतिशत है, जबकि अनुसूचित जाति की आबादी 2,57,313 यानी 19.67 प्रतिशत है। जिले की 576 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के 576 पदों में पूर्व निर्धारित आरक्षण के अनुसार पिछड़ा वर्ग के लिए 156 पद आरक्षित हैं। इनके सापेक्ष 314 व्यक्ति पिछड़ा वर्ग से निर्वाचित हुए थे।

    इसी प्रकार क्षेत्र पंचायत के 653 पदों में पिछड़ा वर्ग के लिए 171 पद आरक्षित हैं, जबकि इनके सापेक्ष 359 व्यक्ति पिछड़ा वर्ग से निर्वाचित हुए हैं। आयोग ने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से पिछड़ेपन के वास्तविक स्वरूप को लेकर जानकारी प्राप्त की। आयोग अध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शासन ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।

    सीमा विस्तार से घट गईं 21 ग्राम पंचायतें

    अमरोहा नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार के कारण जिले में 21 ग्राम पंचायतें कम हो गई हैं। वर्ष 2021 में जिले में 597 ग्राम पंचायतें थीं और इतने ही प्रधान चुने गए थे। अब इनकी संख्या घटकर 576 रह गई है। आगामी पंचायत चुनाव में इन्हीं ग्राम पंचायतों में प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए दावेदार मैदान में उतरेंगे।

    ग्राम पंचायतों की संख्या कम होने से केवल पिछड़ा वर्ग ही नहीं, बल्कि अन्य वर्गों के आरक्षण पर भी असर पड़ सकता है। इससे कई संभावित प्रत्याशियों के चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। कुछ दावेदारों के लिए स्थिति अनुकूल हो सकती है, जबकि कुछ की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है।

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