यूपी विद्युत विभाग का गजब कारनामा! औरैया में कनेक्शन काटने के 10 वर्ष बाद भेजी 7.79 लाख की आरसी, किसान के उड़े होश
औरैया के एक किसान को विद्युत कनेक्शन कटवाने और मीटर जमा करने के 10 साल बाद 7.79 लाख रुपये का बकाया बिल मिला है। किसान ने न्याय के लिए अधिकारियों से गु ...और पढ़ें

HighLights
किसान को 10 साल बाद 7.79 लाख का बिल मिला
विद्युत विभाग ने 2017 में कनेक्शन काट दिया था
एसडीएम ने तहसीलदार को जांच के आदेश दिए
संवाद सहयोगी, अजीतमल (औरैया)। विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक किसान का दावा है कि उसने वर्ष 2017 में अपना विद्युत कनेक्शन विधिवत कटवाकर मीटर विभाग में जमा कर दिया था। विभाग से मीटर सीलिंग/पीडी (स्थायी विच्छेदन) का प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर लिया था। इसके बावजूद लगभग 10 वर्ष बाद तहसील प्रशासन के माध्यम से उसके नाम 7,79,652 रुपये की बकाया वसूली की आरसी जारी कर दी गई।
नोटिस मिलने के बाद किसान और उसके परिवार के होश उड़ गए। अब वह न्याय की उम्मीद में विभागीय अधिकारियों और तहसील के चक्कर काटने को मजबूर है। एसडीएम सुशांत श्रीवास्तव ने कहा कि तहसीलदार को जांच सौंपी गई है।
अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जगनपुर निवासी रामकुमार पुत्र श्रीराम ने अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया है कि उसने अपना विद्युत कनेक्शन संख्या 100339 नियमानुसार कटवा दिया था। उस समय विद्युत विभाग ने 28 दिसंबर 2017 को मीटर सीलिंग प्रमाण पत्र जारी किया था, जिसके आधार पर उसने मीटर भी विभाग में जमा कर दिया था। इसके बाद से उसने उक्त कनेक्शन का कोई उपयोग नहीं किया और न ही उसके नाम किसी प्रकार की विद्युत आपूर्ति जारी रही।
किसान का कहना है कि जुलाई 2026 में तहसील अजीतमल से राजस्व वसूली की आरसी जारी कर दी गई। संग्रह अमीन उसके घर पहुंचे, 7,79,652 रुपये जमा करने का नोटिस थमा दिया। इतनी बड़ी धनराशि की वसूली का नोटिस देखकर किसान स्तब्ध रह गया और उसे समझ नहीं आया कि जिस कनेक्शन को वर्षों पहले विभागीय प्रक्रिया पूरी कर बंद करा दिया गया था, उसका इतना भारी बकाया कैसे निकल आया।
खबरें और भी
पीड़ित रामकुमार ने विद्युत विभाग के अधिकारियों तथा उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अजीतमल सुशांत श्रीवास्तव को प्रार्थना पत्र देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि विभागीय अभिलेखों में कोई त्रुटि या लापरवाही हुई है तो उसे तत्काल सुधारा जाए तथा उनके विरुद्ध जारी की गई आरसी निरस्त की जाए।
एसडीएम ने बताया कि किसान के विद्युत बिल की बकाया राशि के संबंध में आरसी जारी होने के मामले में विद्युत विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्या का निस्तारण कराया जाएगा।