अयोध्या में भविष्य की तकनीक से जुड़ेंगे छात्र, CBSE में AI और साइबर सुरक्षा सहित चार कोर्स फ्री
अयोध्या में सीबीएसई स्कूलों के कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को अब एआई, साइबर सुरक्षा और डेटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों की मुफ्त शिक्षा मिलेगी। ...और पढ़ें

सीबीएसई में एआइ व साइबर सुरक्षा सहित चार पाठ्यक्रम निशुल्क।
HighLights
सीबीएसई स्कूलों में छात्रों को मुफ्त मिलेगी आधुनिक तकनीकी शिक्षा।
एआई, साइबर सुरक्षा, डेटा साइंस जैसे विषय होंगे शामिल।
एनआईईएलआईटी के 19 ऑनलाइन पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे।
संवाद सूत्र, शुजागंज (अयोध्या)। केंद्रीय शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों को इसी शैक्षिक सत्र से नियमित पढ़ाई के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग जैसे आधुनिक विषयों की जानकारी भी निशुल्क मिलेगी। इसके लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
जनपद में जवाहर नवोदय सहित कुल 22 स्कूल सीबीएसई बोर्ड से संचालित हैं। इन स्कूलों में नामांकित लगभग 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा के इस नवाचार का लाभ मिलेगा।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने विद्यार्थियों को डिजिटल और रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से नई पहल शुरू की है। इसके तहत एनआईईएलआईटी (नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी) डिजिटल यूनिवर्सिटी के 19 ऑनलाइन पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
आदेश के बाद संबद्ध विद्यालय अपने बच्चों को इन पाठ्यक्रमों से जोड़ने की तैयारी कर चुके हैं। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के क्षेत्र में उपयोगी तकनीकी कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि निशुल्क उपलब्ध कराए जाने वाले पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जनरेटिव एआई, पाइथन प्रोग्रामिंग, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट आफ थिंग्स (आइओटी), डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, एंबेडेड सी, लिनक्स, विंडोज सर्वर एडमिनिस्ट्रेशन, एडब्ल्यूएस, वर्चुअलाइजेशन, वीएलएसआइ डिजाइन और रोबोटिक प्रोसेस आटोमेशन (आरपीए) जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं।
इन पाठ्यक्रमों की अवधि डेढ़ घंटे से लेकर 20 घंटे तक निर्धारित की गई है। विद्यार्थी अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार पाठ्यक्रमों का चयन कर सकेंगे।
शिक्षाविद् डॉ. निहाल रजा का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और उन्हें उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा भविष्य के रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होने का अवसर मिलेगा। नई शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।