Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अयोध्या में 300 रुपये की घूस ने 18 साल बाद लेखपाल को पहुंचाया जेल, कोर्ट ने सुनाई छह साल की सजा

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 02:00 AM (GMT+05:30)

    अंबेडकरनगर के तत्कालीन लेखपाल लालमणि पाठक को 300 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में अयोध्या कोर्ट ने छह साल कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 2008 का है, ज ...और पढ़ें

    300 रुपये की घूस ने 18 साल बाद लेखपाल को पहुंचाया जेल।

    300 रुपये की घूस ने 18 साल बाद लेखपाल को पहुंचाया जेल।

    HighLights

    1. पूर्व लेखपाल लालमणि पाठक को छह साल कारावास।

    2. भूमि पैमाइश के लिए 300 रुपये रिश्वत का मामला।

    3. 2008 के भ्रष्टाचार मामले में कोर्ट का फैसला।

    जागरण संवाददाता, अयोध्या। रिश्वत चाहे 300 रुपये की हो या तीन हजार रुपये की कानून की नजर में कोई अपराध छोटा नहीं होता। इसी को देखते हुए विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा ने अंबेडकरनगर के तत्कालीन लेखपाल लालमणि पाठक को 300 रुपये रिश्वत लेने का दोषी ठहराते हुए अलग-अलग धाराओं में कुल छह वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

    सभी सजाएं एक साथ चलने पर उसे तीन साल की ही सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने पाया कि अभियोजन यह साबित करने में सफल रहा कि आरोपित ने जमीन की पैमाइश करने के बदले घूस की मांग की और ट्रैप के दौरान 100 रुपये के तीन नोट लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार हुआ।

    भूमि की पैमाइश के बदले मांगी थी रिश्वत

    विशेष अभियोजन अधिकारी संजय दुबे के अनुसार मामला वर्ष 2008 का है। शिकायतकर्ता ओमप्रकाश मिश्र भूमि की पैमाइश कराने के लिए तहसील के चक्कर लगा रहे थे। तत्कालीन लेखपाल लालमणि पाठक ने नाप के बदले पहले 300 रुपये और काम पूरा होने के बाद 500 रुपये और देने की मांग की।

    शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय भ्रष्टाचार निवारण संगठन से ही शिकायत कर दी। संगठन ने ट्रैप टीम गठित की। 19 फरवरी 2008 को जलालपुर तहसील के पास एक चाय दुकान पर शिकायतकर्ता ने जैसे ही केमिकल लगे तीन सौ रुपये आरोपित को दिए, टीम ने उसे दबोच लिया।

    खबरें और भी

    सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से शिकायतकर्ता, ट्रैप टीम के सदस्यों और अन्य गवाहों ने घटना की पुष्टि की। फारेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट और बरामदगी के दस्तावेज भी न्यायालय में पेश हुए।

    यह भी पढ़ें- मुजफ्फरनगर में किसान पवन हत्याकांड में चार दोषी करार, 13 को सुनाई जाएगी सजा