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    यूपी में अब हाईटेक होगी जमीनों की पैमाइश, रोवर मशीन से मिनटों में होगा सीमांकन

    By Nafees Edited By: Ashish Mishra
    Updated: Sun, 19 Jul 2026 06:04 PM (IST)

    अयोध्या के शुजागंज तहसील में अब भूमि सीमांकन रोवर मशीन से होगा, जिससे पैमाइश अधिक सटीक, पारदर्शी और विवाद रहित बनेगी। छह लाख की यह अत्याधुनिक मशीन राज ...और पढ़ें

    अब हाईटेक होगी जमीनों की पैमाइश। AI जेनरेटेड फोटो

    अब हाईटेक होगी जमीनों की पैमाइश। AI जेनरेटेड फोटो

    HighLights

    1. शुजागंज में रोवर मशीन से भूमि सीमांकन अब हाईटेक।

    2. छह लाख की मशीन से पैमाइश होगी सटीक, पारदर्शी।

    3. 44 लेखपालों को रोवर मशीन संचालन का प्रशिक्षण मिला।

    संवाद सूत्र, शुजागंज (अयोध्या)। तहसील क्षेत्र में भूमि सीमांकन अब अत्याधुनिक तकनीक से होगा। शासन की ओर से उपलब्ध कराई गई करीब छह लाख रुपये की रोवर मशीन से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली हाईटेक होने जा रही है।

    इसी माह से इस मशीन के जरिए खेतों और भूखंडों की पैमाइश शुरू कर दी जाएगी, जिससे सीमांकन की प्रक्रिया पहले से अधिक सटीक, पारदर्शी और विवाद रहित बनने की उम्मीद है।

    तहसील सभागार में 44 लेखपालों और चार राजस्व निरीक्षकों को रोवर मशीन के संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। प्रशिक्षण के दौरान मशीन की तकनीकी जानकारी, डिजिटल सर्वे, सीमांकन की प्रक्रिया और फील्ड में इसके उपयोग का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

    राजस्व निरीक्षक नरसिंह श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक सीमांकन में काफी समय लगता था और कई बार विपरीत मौसम, जलभराव, खड़ी फसल तथा आबादी क्षेत्र जैसी परिस्थितियां कार्य में बाधा बनती थीं। रोवर मशीन के उपयोग से इन समस्याओं का प्रभाव काफी हद तक कम होगा।

    राजस्व निरीक्षक अनिल कुमार यादव ने बताया कि मशीन निर्धारित स्थान का सटीक डिजिटल डेटा उपलब्ध कराएगी और सीमांकन पूरा होते ही डिजिटल फील्ड बुक भी स्वतः तैयार कर देगी। इससे हस्तलिखित अभिलेखों पर निर्भरता कम होगी और कार्य में पारदर्शिता बढ़ेगी।

    प्रशिक्षण के दौरान लेखपाल प्रतीक सिंह, नकछेद भारती, सत्यनारायण पाठक, अमित तिवारी, कुलदीप सिंह व नीलिमा गौड़ ने मशीन की कार्यप्रणाली को समझते हुए इसे राजस्व विभाग के लिए बड़ी तकनीकी उपलब्धि बताया।

    तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि 44 लेखपालों और चार राजस्व निरीक्षकों को रोवर मशीन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसी माह से तहसील क्षेत्र में रोवर मशीन के माध्यम से भूमि की पैमाइश और सीमांकन कराया जाएगा।

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    आधुनिक तकनीक के प्रयोग से सीमांकन अधिक सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध होगा, जिससे अनावश्यक विवादों में कमी आएगी और आमजन को त्वरित राहत मिलेगी।

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