राम मंदिर का CEO बनने के लिए किसे मिलेगी प्राथमिकता? ट्रस्ट के संत आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण ने बताया
श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के धार्मिक समिति सदस्य महंत आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण ने कहा कि मंदिरों को सीईओ के माध्यम से नहीं चलाया जाना चाहिए। ...और पढ़ें

मठ-मंदिर व आश्रम की परंपरा से निकला व्यक्ति ही बने सीईओ- महंत।

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जागरण संवाददाता, अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को लेकर ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य एवं सिद्धपीठ हनुमन्निवास के महंत आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण ने कहा कि मौलिक रूप से मंदिरों को सीईओ के माध्यम से नहीं चलाया जाना चाहिए।
अपने आश्रम हनुमन्निवास में मीडिया प्रतिनिधियों से अनौपचारिक चर्चा के दौरान आचार्य ने कहा कि मंदिर की व्यवस्था का अधिकार भगवान के प्रति निष्ठावान लोगों के पास ही होना चाहिए।
कहा कि सीईओ पद के लिए ऐसे लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जिनका जीवन किसी मठ-मंदिर और आश्रम की परंपराओं में व्यतीत हुआ हो।
कहा कि प्रशासनिक दक्षता रखने वाला व्यक्ति मंदिर की व्यवस्था तो संभाल सकता है, लेकिन ऐसे व्यक्ति की निष्ठा भगवान के बजाय प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अधिक होने की आशंका हो सकती है।
देश के कई बड़े मंदिरों में सीईओ के माध्यम से व्यवस्थाएं संचालित हो रही हैं। राम मंदिर में सीईओ नियुक्त होता है, तो वह इसका विरोध नहीं करेंगे। हालांकि उसकी भूमिका और अधिकार स्पष्ट किया जाना आवश्यक होगा।
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