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    पहली बार सावन भर राम मंदिर में होगा भोले बाबा का अनवरत जलाभिषेक, ट्रस्ट ने की व्यवस्था

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 05:22 AM (IST)

    अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में सावन माह में शिव मंदिर में शिवलिंग पर पहली बार अनवरत जलाभिषेक होगा, जिसकी विशेष व्यवस्था की गई है। ...और पढ़ें

    राम मंदिर के परकोटे में स्थित शिव मंदिर में विराजित शिवलिंग

    राम मंदिर के परकोटे में स्थित शिव मंदिर में विराजित शिवलिंग

    HighLights

    1. राम मंदिर में सावन भर शिवलिंग पर होगा अनवरत जलाभिषेक।

    2. रामलला तृतीया तिथि से स्वर्ण हिंडोले पर विराजेंगे, झूलनोत्सव शुरू।

    3. सांस्कृतिक संध्या और भक्तों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था।

    जागरण संवाददाता, अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में स्थित परकोटे के शिव मंदिर में शिवलिंग पर पहली बार सावन माह भर अनवरत जलाभिषेक किया जाएगा। इसकी इस तरह व्यवस्था की जा रही है, जिससे शिवलिंग पर अनवरत जल गिरता रहे। इसमें शिवलिंग के ठीक ऊपर छिद्रयुक्त पात्र टांगने की तैयारी है। इसमें जल भरा रहेगा और शिवलिंग पर गिरता रहेगा।

    रात्रि में भोले बाबा को शयन कराने के बाद प्रक्रिया बंद होगी और सुबह फिर से शुरू होगी। इस वर्ष रामलला स्वर्ण जड़ित हिंडोले पर परंपरागत रूप से पंचमी के बजाय तृतीया तिथि से ही विराजित होंगे। झूले का मुख्य कार्यक्रम रामलला के दरबार में होगा, नित्य शाम को यहां सांस्कृतिक संध्या सज्जित होगी। कलाकार भगवान को सावन से संबंधित गीत सुनाएंगे। परकोटे के अतिरिक्त कुबेर टोला पर भी भोले बाबा का अभिषेक प्रतिदिन किया जाएगा।

    रामलला झूले पर विशेष शृंगार के साथ तृतीया तिथि से विराजित किए जाएंगे। इसके साथ साथ सावन के धार्मिक अनुष्ठानों और झूला उत्सव का शुभारंभ होगा। यह निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धर्म समिति की बैठक में सावन माह की तैयारियों पर हुई विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया। धर्म समिति के सदस्य व श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने बताया कि परकोटे में स्थित शिव मंदिर में मुख्य अनुष्ठान होगा। सावन भर नियमित अभिषेक किया जाएगा।

    सावन माह में झूलनोत्सव रामनगरी का ऐसा सांस्कृतिक उत्सव है, जहां अध्यात्म के साथ गीत-संगीत की त्रिवेणी प्रवाहमान होती है। राम मंदिर के अतिरिक्त नागेश्वरनाथ मंदिर में दूर-दूर से भक्त जलाभिषेक करने आते हैं।

    धर्म समिति ने सावन मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रामलला के दर्शन, पूजा-अर्चना की पुख्ता व्यवस्था की है। रामलला के समक्ष गायन वादन करने वाली टीम का चयन किया जा रहा है।

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी प्रतिदिन किया जाएगा, जिसमें भक्त भक्ति संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी आस्था प्रकट करेंगे। नागेश्वर मंदिर व्यवस्था से जुड़े द्रिजेंद्र मिश्र कहते हैं कि धर्म समिति के प्रयास निश्चित रूप से सफल होंगे और विश्व का कल्याण होगा।

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