राम मंदिर परिसर की सुरक्षा हुई और भी सख्त, आउटसोर्सिंग कर्मियों की अब हर शिफ्ट में होगी चेकिंग और ब्रीफिंग
राम मंदिर परिसर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। अब निजी आउटसोर्सिंग कर्मियों की हर पाली के बाद ब्रीफिंग होत ...और पढ़ें

HighLights
चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर सुरक्षा हुई कड़ी।
निजी कर्मियों की हर पाली बाद ब्रीफिंग और तलाशी।
श्रद्धालुओं से विनम्र व्यवहार के निर्देश, मोबाइल भी प्रतिबंधित।
प्रहलाद तिवारी, अयोध्या। राममंदिर परिसर में चढ़ावा चोरी के बाद सुरक्षा व्यवस्था दिन प्रतिदिन सख्त होती जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सहायता के लिए तैनात निजी आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मियों की अब हर पाली के बाद ब्रीफिंग होती है।
उसके बाद उनको निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर भेजा जाता है। कर्मियों की मॉनिटरिंग के लिए सुपरवाइजर भी तैनात किए गए हैं। ब्रीफिंग में कर्मियों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने के साथ ही श्रद्धालुओं से विनम्र व्यवहार करने के निर्देश दिए जाते हैं। यह बदलाव चढ़ावा चोरी प्रकरण के सामने आने के बाद किया गया है।
सावन मेले की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं का प्रवाह रामनगरी की ओर बढ़ रहा है। उनकी सुरक्षा व सेवा का जिम्मा यूं तो राम मंदिर परिसर की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ, पुलिस सहित अन्य सरकारी सुरक्षा एजेंसियां संभाल रही है। साथ ही आउटसोर्सिंग एजेंसी के निजी सुरक्षा कर्मियों को प्रमुख स्थलों पर तैनात किया गया है।
राम मंदिर परिसर और बाहर करीब एक हजार से अधिक निजी कर्मचारी काम करते हैं। ज्यादातर कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर हैं। इनकी ड्यूटी तीन शिफ्ट में लगती है। हर पाली के बाद कर्मचारियों व गार्डों की ब्रीफिंग कर न केवल उनकी उपस्थिति प्रमाणित की जाती है बल्कि तलाशी भी होती है।
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बीपीआईएस आउटसोर्सिंग एजेंसी से जुड़े एक सुरक्षा गार्ड ने बताया कि चढ़ावा चोरी के बाद संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर्मियों की आगमन व प्रस्थान दाेनों समय तलाशी होती है। कुछ स्थानों पर मोबाइल फोन भी वर्जित कर दिया गया है। उनके मोबाइल जमा करा लिए जाते हैं। ड्यूटी के बाद उन्हें मोबाइल वापस मिलते हैं।
राम मंदिर परिसर में कार्यरत एजेंसियों में एसआइएस व बीपीआईएस को सुरक्षा और दर्शनार्थियों के सहयोग की जिम्मेदारी दी गई है। इन दोनों निजी कंपनियों के गार्ड मंदिर प्रांगण से लेकर परिसर के अंदर, बाहर की व्यवस्था देखते हैं।
मंदिर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा बीवी जी, यूनी प्वाइंट व जिलाजीत के कर्मियों पर है। लाकर और शू-रैक की जिम्मेदारी पीएस एंड पीएस कंपनी के पास है। जानसन के पास कैमरे की व्यवस्था और निगरानी का जिम्मा है।
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