राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपियों के घरों पर पुलिस की सघन पड़ताल, मिले अहम सुराग
पुलिस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चार आरोपियों अनुकल्प, अविनाश, लवकुश और करुणेश के घरों पर छापेमारी कर उनकी संपत्तियों की जांच की। लवकुश की पत् ...और पढ़ें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रुदौली के ठकुरान फगौली स्थित आरोपी लवकुश मिश्रा के घर छापेमारी के दौरान जांच करती पुलिस टीम। जागरण
HighLights
आरोपियों अनुकल्प, अविनाश, लवकुश, करुणेश के घरों पर छापेमारी।
लवकुश की पत्नी के खाते में 24 लाख का संदिग्ध लेनदेन।
अविनाश के कमरे से रामराज्य कोष का बक्सा बरामद।
जागरण टीम, अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की जांच अब दिन-प्रतिदिन तेज होती जा रही है। बुधवार की सुबह पुलिस की एक टीम ने शहर के कौशलपुरी स्थित अविनाश शुक्ल के कमरे की तलाशी ली, तो तीन अन्य पुलिस टीमों ने विशेष जांच दल (एसआइटी) में शामिल कर्मियों के साथ अनुकल्प मिश्र के बसावां स्थित पैतृक घर, लवकुश मिश्र के फगौली ठाकुरान के घर और करुणेश पांडेय के जयराजपुर स्थित गांव में छापेमारी की।
घंटों चली जांच-पड़ताल में पुलिस टीमों ने आरोपितों की संपत्ति, पारिवारिक सदस्यों का विवरण व उनकी आय की जानकारी लेकर कमरों की तलाशी की। साथ ही घर में मिले परिजनों से पूछताछ की। लवकुश के पिता बच्चूलाल मिश्र को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वहीं उसकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा का बयान दर्ज कर उसके खाते में साल भर में मिले 24 लाख के लेन-देन के विषय में पूछताछ की।
मामले के विवेचक क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी के निर्देशन में सबसे पहले बुधवार सुबह एक टीम कौशलपुरी के उस योग केंद्र में गई, जहां अविनाश अपने भाई अभिषेक के साथ रहता था। प्रतापगढ़ का मूल निवासी अविनाश शुक्ल यहां किराए पर रहता था। भाई प्राथमिक शिक्षक बताया गया है। यहां पुलिस को एक बक्सा मिला, जिस पर रामराज्य कोष लिखा है और पेटीएम क्यूआर कोड का स्टीकर चिपका है।
बक्से में कुछ किताबें व कागजात पाए गए हैं। इन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। बताया जा रहा कि बनारस के किसी भास्कर सिंह ने यह कोष बनाया था, लेकिन अब यह निष्क्रिय है। हालांकि पुलिस इसकी जांच कर रही है।
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मिल्कीपुर प्रतिनिधि के अनुसार, आरोपित अनुकल्प मिश्र के बसावां गांव स्थित पैतृक घर में निरीक्षक रणजीत यादव व इनायतनगर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह के नेतृत्व में छापेमारी की गई। इस दौरान एसआइटी के कर्मी भी साथ में रहे। अनुकल्प की दादी सीतापति ही मिलीं।
उनसे लगभग दो घंटे तक पूछताछ कर उनके चारों बेटों व बहू, चल-अचल संपत्ति और आपराधिक इतिहास आदि की जानकारी ली गई। साथ ही अप्रैल में घर पर आयोजित भागवत कथा में आए हुए अतिथियों व अन्य की जानकारी ली गई। इनके अलावा परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं रहा। दादी ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। अनुकल्प का परिवार काफी समय से कौशलपुरी में रहता है। निरीक्षक रणजीत यादव ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज है, मामले की जांच की जा रही है।
शुजागंज प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार दोपहर में थाना रामजन्मभूमि के प्रभारी निरीक्षक सुमित श्रीवास्तव व रुदौली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने रुदौली के मीनापुर फगौली के मजरे ठाकुरान फगौली स्थित लवकुश मिश्रा के घर छापेमारी कर करीब दो घंटे तक जांच की। मकान के पीछे, दीवार पर लगे उपले, घूर व भूसे का ढेर, बक्सों को खंगाला गया।
हालांकि घंटों चली कार्रवाई में कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ नहीं लगा, न ही कोई बरामदगी हुई। लवकुश की दादी गिरिजा देवी और उसके बड़े बाबा मल्लब मिश्रा व उनकी बहू से पूछताछ हुई। दादी ने भी अनभिज्ञता जताई। कहा, मेरा नाती चोर नहीं है। उसे फंसाया गया है। चोरी किसने की, यह भगवान जानें। उन्होंने बताया कि राजेश मिश्रा उर्फ बच्चूलाल और लवकुश की पत्नी सुप्रिया बयान दर्ज कराने अयोध्या गए हैं।
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वहीं, पुलिस ने दूसरे दिन भी रजिस्ट्री आफिस में लवकुश की संपत्तियों की जानकारी ली। शुजागंज चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह ने बैंक आफ बड़ौदा की शुजागंज शाखा पहुंच उसके परिजनों के बैंक खातों की जांच की। जांच में लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के खाते का तीन वर्षों का बैंक स्टेटमेंट लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बीते एक वर्ष में इस खाते में करीब 24 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। पुलिस लेनदेन के स्रोत, उद्देश्य और उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
वहीं, अमानीगंज प्रतिनिधि के अनुसार, खंडासा थाना क्षेत्र के जयराजपुर गांव में थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार सोनकर के साथ एसआइटी के कुछ कर्मी करुणेश पांडेय के घर पहुंचे, परंतु यहां ताला लगा मिला। पुलिस ने पड़ोसियों से बातचीत कर करुणेश के बारे में जानकारी ली और उसकी संपत्तियोें के बारे में पूछा। गणना कर्मी रहे करुणेश ने हाल ही अयोध्या में जमीन लेकर मकान बनवा लिया है।