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    अयोध्या में अब 3D टेक्नोलॉजी से भी होंगे रामलला और पूरक मंदिरों के दर्शन, एजेंसी को काम सौंपने की तैयारी

    Updated: Thu, 19 Feb 2026 03:23 PM (IST)

    अयोध्या में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय को उन्नत कर रहा है। अब श्रद्धालु भीड़ के दबाव के बिना सरयू तट पर रामलला सह ...और पढ़ें

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    संवाद सूत्र, अयोध्या। भीड़-भाड़ के दबाव और आवागमन संबंधी अन्यान्य कठिनाइयों के चलते रामजन्मभूमि तक न पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं को निराश होने की जरूरत नहीं है, उन्हें सरयू तट स्थित अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में रामलला सहित 14 पूरक मंदिरों में विराजे देवी-देवताओं का दर्शन हो सकेगा और थ्रीडी तकनीक की सुविधा के चलते देवी-देवताओं की प्रस्तुति काफी हद तक जीवंत होगी।

    इसके लिए संग्रहालय को उच्चीकृत करने में लगा रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक स्वतंत्र दीर्घा निर्मित कराने की तैयारी में है और इसके निर्माण का दायित्व आधुनिक तकनीक सम्पन्न किसी सक्षम अभिकरण को सौंपने पर विचार किया जा रहा है।

    समिति के अध्यक्ष ने और क्या बताया?

    यह जानकारी राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने दी। वह प्रत्येक पखवारे होने वाली समिति की बैठक से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि संग्रहालय की 20 दीर्घाओं में से तीन और दीर्घायें रामजन्मभूमि के प्रति समर्पित होगी।

    दीर्घाओं में वह अभिलेख संरक्षित होंगे, जो पांच सौ वर्ष तक चले रामजन्मभूमि मुक्ति के अभियान में सहायक रहे और एक अन्य दीर्घा में वह पुरावशेष संरक्षित होंगे, जिनसे यह सत्य प्रतिपादित है कि ध्वस्त मंदिर की सतह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया गया था और यहीं इक्ष्वाकु वंश के लोगों ने निवास किया था।

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    एक दीर्घा पुष्पक विमान के प्रति समर्पित होगी। इसमें सेवेन डी तकनीक का प्रयोग होगा और इसके माध्यम से पुष्पक विमान की जीवंत अनुभूति के साथ उन स्थलों की प्रतीति-अनुभूति हो सकेगी, जिन स्थलों से श्रीराम पुष्पक विमान से गुजरे।

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    एक और दीर्घा थ्रीडी तकनीक से युक्त होगी और यह हनुमान जी के प्रति समर्पित होगी। इसमें थ्री डी तकनीक से हनुमान जी के विविध प्रसंगों को 12 मिनट में देखा जा सकेगा। नृपेंद्र मिश्र के अनुसार संग्रहालय को नया कलेवर प्रदान किए जाने का अभियान छह से नौ माह में पूर्ण होने की आशा है।

    रामलला के दर्शनार्थियों की सुविधा में वृद्धि

    तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट रामलला के दर्शनार्थियों की सुविधा में वृद्धि के लिए सतत प्रयासरत है और इसी कड़ी में दर्शनार्थियों के लिए दो और यात्री सुविधा केंद्रों का निर्माण किया गया है। एक सुविधा केंद्र पहले से ही संचालित है। इस सुविधा केंद्र में यात्री अपने पास की वस्तुएं लाकर में सहेज सकते हैं। सुविधा केंद्र में समुचित प्रसाधन से भी युक्त हैं। नृपेंद्र मिश्र के अनुसार गर्मी के मौसम को ध्यान में रख कर दर्शन मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने की तैयारी है।

    जून तक होगी कार्यदायी संस्थाओं की वापसी

    मंदिर निर्माण पूर्ण होने को है और इसी के साथ कार्यदायी संस्थाओं की वापसी की प्रतीक्षा होने लगी है। कार्यदायी संस्था के रूप में मंदिर निर्माण का दायित्व लार्सन एंड टुब्रो तथा टाटा कंसल्टेंसी इंजीनियर्स पर रहा है। नृपेंद्र मिश्र का मानना है कि जून तक इन संस्थाओं के प्रतिनिधि निर्माण पूर्ण होने के साथ यथास्थान वापस लौट जाएंगे।