राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बावजूद चंपत राय के साथ खड़े हुए अयोध्या के संत, जताया पूरा भरोसा
चढ़ावा चोरी प्रकरण के बावजूद रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय के प्रति संतों का विश्वास कायम है। संत इसे चंपतराय के निष्कलंक जीवन क ...और पढ़ें

अयोध्या के संतों को चंपत राय पर पूरा भरोसा।

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जागरण संवाददाता, अयोध्या। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बावजूद रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय के प्रति संतों का विश्वास कायम है और वे चंपतराय पर निशाना साधने वालों से आहत हैं।
शीर्ष पीठ रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमारदास कहते हैं, कुछ लोगों को दिव्य-भव्य राम मंदिर और श्रेष्ठतम सांस्कृतिक नगरी के रूप में अयोध्या का उत्कर्ष पच नहीं पा रहा है और चढ़ावा चोरी के बहाने वे चंपतराय जैसे ऐसे निष्कलंक व्यक्ति को कलंकित करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसका जीवन श्रीराम और राष्ट्र के प्रति समर्पित रहा है।
एक अन्य सुप्रसिद्ध पीठ बावन मंदिर के महांत वैदेहीवल्लभशरण सवाल उठाते हैं कि एक धोती-कुर्ता में जीवन बिताने वाले चंपतराय के मन में कोई बेईमानी-चोरी होती, तो वह लेक्चरर का प्रतिष्ठापूर्ण और वैभवशाली जीवन छोड़ कर राम मंदिर के लिए समर्पित न होते।
वह कहते हैं कि व्यवस्था संचालित करने के लिए लोगों पर भरोसा करना ही पड़ता है। यदि कोई भरोसा तोड़ता है, तो इससे भरोसा करने वाला अपराधी नहीं हो जाता। रामकुंज कथामंडप के महांत एवं प्रख्यात कथाव्यास डॉ. रामानंददास चंपतराय पर एक भी पैसे की बेईमानी का आरेाप स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।

व्यक्तिगत अनुभव का वास्ता देते हुए वह कहते हैं, चंपतराय का जीवन अत्यंत पवित्र और शुचितापूर्ण है, उनसे सपने में भी बेईमानी की अपेक्षा नहीं की जा सकती, उन्होंने लोगों पर भरोसा किया और भरोसा किए बिना काम भी नहीं चल सकता।
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मंदिर आंदोलन के नायकों में शुमार रहे साकेतवासी डा. रामविलासदास वेदांती के माध्यम से मंदिर की व्यवस्था सहित चंपतराय एवं संघ की परंपरा से परिचित उपदेशक एवं वशिष्ठभवन के महांत डॉ. राघवेशदास कहते हैं कि मंदिर की व्यवस्था में भले ही चूक हुई, किंतु तपस्वी का जीवन जीने वाले चंपतराय की सत्यनिष्ठा में कोई संशय नहीं है।
सच यह है कि मामला संज्ञान में आते ही चंपतराय चोरों के विरुद्ध सक्रिय हो गए और उन्हीं की शिकायत पर कार्रवाई भी शुरू हुई।
बजरंगबली की प्रधानतम पीठ हनुमानगढ़ी के प्रधान पुजारी रमेशदास भी चढ़ावा चोरी के मामले में चंपतराय पर कीचड़ उछालने की प्रवृत्ति को अनर्गल एवं अन्यायपूर्ण करार देते हैं और उनकी साधना, शुचिता तथा प्रबल राम भक्ति का उदाहरण देते हुए विश्वास व्यक्त करते हैं कि एसआइटी की जांच के बाद वह और निष्कलंक होकर प्रतिष्ठित होंगे।