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    अयोध्या में भूमि आवंटन के बाद भी फाइलों में सिमटी मंदिर संग्रहालय की योजना, खर्च होंगे 750 करोड़

    Updated: Fri, 20 Feb 2026 09:59 PM (IST)

    अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद परिकल्पित मंदिर संग्रहालय की महत्वाकांक्षी योजना भूमि आवंटन के बावजूद फाइलों में अटकी है। टाटा समूह 750 करोड़ रुप ...और पढ़ें

    भूमि आवंटन के बाद भी फाइलों में सिमटी मंदिर संग्रहालय की योजना।

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    जागरण संवाददाता, अयोध्या। रामनगरी में मंदिर संग्रहालय की एक अति महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर साकार नहीं हो पा रही है। राम मंदिर निर्माण के बाद इसकी परिकल्पना तैयार की गई तो प्रदेश सरकार ने इसके लिए बड़े रकबे वाली भूमि का आवंटन भी फ्री कर दिया, परंतु यह योजना फाइलों से बाहर नहीं निकल पा रही है।

    भूमि आवंटित हाे जाने के बाद अब तक उसके चिह्नांकन के लिए केवल फेंसिंग ही कराई गई है और कार्यदायी कंपनी नामित की गई है। धरातल पर कोई कार्य नहीं शुरू हो पाया है। बताया जा रहा कि टाटा समूह कुछ तकनीकी बाधाएं दूर करने में जुटा है, जल्द इस पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

    जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण के बाद जब इसमें रामलला के भव्य विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा हुई तो श्रद्धालुओं की संख्या में आशातीत वृद्धि को देखते हुए टाटा समूह ने रामनगरी में मंदिर संग्रहालय (टेंपल म्यूजियम) निर्माण की योजना तैयार की।

    इस संग्रहालय में देश में स्थित वैष्णव संप्रदाय के प्रसिद्ध व अति प्राचीन मंदिरों की प्रतिकृति (रेप्लिका) संग्रहीत किए जाने की योजना है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को देश के विभिन्न मंदिरों की स्थापत्य कला, वैशिष्ट्य व परंपरा का एक ही स्थान पर दर्शन हो सके।

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    मंदिरों की प्रतिकृति नितांत वास्तविक मंदिरों की भांति तैयार कराई जाएगी, जिससे रेप्लिका को देख कर भी श्रद्धालुओं को उसके कृत्रिम या नमूना होने का आभास न हो सके।

    इस संग्रहालय का निर्माण टाटा समूह स्वयं अपने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) फंड से लगभग 750 करोड़ रुपये की लागत से कराएगा। संग्रहालय में मूलभूत सुविधाओं को लगभग 100 करोड़ रुपये से विकसित किया जाएगा तो 600 करोड़ रुपये संग्रहालय निर्माण पर व्यय किये जाएंगे।

    टाटा समूह ने अपनी ही कंपनी टाटा संस को इसके लिए कार्यदायी कंपनी नामित किया है। टाटा संस राम मंदिर निर्माण का पर्यवेक्षण कर रही टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (टीसीई) के अभियंताओं के निर्देशन में कार्य कराएगी।

    गत वर्ष योगी सरकार ने माझा जमथरा में बाटी बाबा स्थान के समीप 25 एकड़ भूमि निश्शुल्क आवंटित कर दी थी। यह कम पड़ी तो दिसंबर माह में फिर सरकार ने 27 एकड़ भूमि और दे दी है।

    अब कुल 52 एकड़ भूमि पर मंदिर संग्रहालय बनाया जाना है। यह भूमि पर्यटन विभाग के माध्यम से टाटा समूह को दे भी दी गई है। टीसीई के एक अभियंता ने बताया कि समस्त प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही कार्य शुरू होने की संभावना है।

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