चढ़ावा चोरी मामले के 2 महीने बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों में लौटे चंपतराय, अब संतों से करेंगे संवाद
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद एकांतवास में गए चंपतराय दो महीने बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों और संतों से मिलने लगे हैं। ...और पढ़ें
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चंपतराय
HighLights
चंपतराय दो महीने बाद एकांतवास छोड़ सार्वजनिक कार्यक्रमों में लौटे।
चढ़ावा चोरी मामले के बाद उन्होंने स्वयं को अलग कर लिया था।
अब वे अयोध्या के मठ-मंदिरों में संतों से संवाद करेंगे।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सामने आने के बाद से ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपतराय सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हो गए थे। पहले उन्हाेंने आरोपितों से चोरी की धनराशि बरामद कराई, बाद में आरोपों के शोर के बीच स्वयं को अलग कर लिया। साथ ही राम मंदिर के समीप बने तीर्थ क्षेत्र भवन को अपना स्थायी ठौर बना लिया।
तबसे वह बाहर नहीं निकले और न ही कारसेवकपुरम व राम मंदिर गये। दो माह बाद वह दो दिन पूर्व पहली बार बाहर किसी कार्यक्रम में दिखे। एक ट्रस्ट कर्मचारी के यहां आयोजित शोक कार्यक्रम में शामिल हुए। बताया गया कि अब वह नियमित अयोध्या के विभिन्न मंदिरों में जाकर संतों का सानिध्य प्राप्त कर संवाद करेंगे।
सूत्रों ने बताया कि सावनभर मठ-मंदिरों में जाने का कार्यक्रम तय हो गया है। इसी क्रम में वह शनिवार को निजी सहयोगी के साथ अयोध्या प्रवास पर थे। एक बड़े मंदिर में जाने की चर्चा रही। शनिवार को वह गोलाघाट के सीताकांत सदन सहित अन्य मंदिरों में भी पहुंचे।
उधर, पांच जून को चढ़ावा चोरी उजागर होने के बाद वह तीर्थ क्षेत्र भवन से बाहर नहीं निकले। यहीं आने-जाने वालों से भेंट करते थे। पहली बार जब वह बाहर निकले तो उनके साथ श्रीरामबल्लाकुंज के अधिकारी व ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य राजकुमार दास थे। संतों ने इसे सुखद बताया।
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बता दें कि पहली एसआईटी का गठन 13 जून को हुआ था। इसके पहले पांच जून से ही चंपतराय बाहर आने-जाने से परहेज करते रहे। फिलहाल, अभी चढ़ावा चोरी की जांच चल रही है। पहली एसआईटी की जांच की प्राथमिक रिपोर्ट में उनका नाम नहीं है। उधर, चंपतराय से मिले एक संत ने उनकी इस गतिविधि पर खुशी व्यक्त की। कहाकि उनके लोगो के बीच आने-जाने से अच्छा वातावरण बनेगा।
अनिल की दिनचर्या भी सामान्य, गोपाल ने नहीं छोड़ी रामनगरी
चोरी मामले में आठ आरोपित जेल में हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश प नई एसआईटी चल रही जांच की मॉनीटिंग कर रही है। उधर, रडार पर रहे त्यागपत्र दे चुके पूर्व ट्रस्टी डा. अनिल कुमार मिश्र 15 दिन पहले से ही सार्वजनिक कार्यक्रम में आ-जा रहे है।
हालांकि विहिप नेता गोपाल राव ने रामनगरी में ही धूनी जमाए रखी है, जबकि विश्व हिंदू परिषद ने उन्हें नया दायित्व देकर उनका केंद्र दिल्ली कर दिया है। गोपाल राव यहीं रहकर लोगों से गुपचुप तरीके से मिल-जुल रहे हैं। साधारण मार्ग से जाकर वह रामलला का दर्शन भी करते हैं। अभी कारसेवकपुरम में उनका निवास हो रहा है।