चढ़ावा चोरी मामला: चंपतराय और गोपाल राव ने तीर्थ क्षेत्र भवन को बनाया स्थाई ठिकाना, अपने आवास में रह रहे अनिल मिश्र
चढ़ावा चोरी प्रकरण और त्यागपत्र के बाद पूर्व महासचिव चंपतराय व व्यवस्थापक गोपाल राव ने तीर्थ क्षेत्र भवन को स्थायी ठिकाना बनाया है। ...और पढ़ें

तीर्थ क्षेत्र भवन बना चंपतराय व गोपाल का ठिकाना, आवास पर अनिल
HighLights
चंपतराय और गोपाल राव अब तीर्थ क्षेत्र भवन में रह रहे हैं।
चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद दोनों ने अपना निवास बदला।
डॉ. अनिल मिश्र सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर अपने आवास पर।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर का चढ़ावा चोरी प्रकरण उजागर होने और त्यागपत्र दे देने के बाद से पूर्व महासचिव चंपतराय व मंदिर के व्यवस्थापक रहे गोपाल राव ने तीर्थ क्षेत्र भवन को ही स्थायी ठिकाना बना लिया है।
वहीं, ट्रस्ट के सदस्य रहे डॉ. अनिल मिश्र भी एकांतवास पर अपने लक्ष्मणपुरी स्थित आवास में रह रहे हैं। शेषावतार मंदिर के ध्वजारोहण के पश्चात से उन्हें किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं देखा गया है। हालांकि गोपाल राव आते-जाते हुए मीडियाकर्मियों के मिल जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त भी कर रहे हैं, लेकिन चंपतराय व अनिल मिश्र किसी मीडियाकर्मी से नहीं मिल रहे हैं।
ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपतराय चोरी का प्रकरण उजागर होने के पहले कारसेवकपुरम स्थित भरतकुटी में स्थायी रूप से निवास करते रहे हैं और वहीं से वह ढाई-तीन किमी दूर राम मंदिर में विभिन्न आयोजनों या बैठकों में प्रतिभाग करने आते थे। चोरी का मामला उजागर होने के बाद से वह रामजन्मभूमि परिसर से 500 मीटर दूर तीर्थ क्षेत्र भवन में रह रहे हैं।
यहीं से वह 23 जून को आयोजित हुए ध्वजारोहण समारोह में भी गए थे। वहीं, डॉ. अनिल मिश्र चोरी का प्रकरण सामने आने के बाद जब एसआइटी जांच शुरू हुई थी तो आंख का उपचार कराने चेन्नई चले गए थे। तीन-चार दिनों बाद लौटे भी तो केवल एसआईटी के बुलाने पर बयान देने ही रामजन्मभूमि परिसर जा रहे थे।
इसके बाद वह ध्वजारोहण समारोह में भी दिखे, लेकिन इस्तीफे के बाद से वह सामने नहीं आए और अपने आवास पर रह रहे हैं। छह जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य पद से हटाए जाने और मंदिर को छोड़ देने का निर्देश मिलने पर अब गोपाल राव भी तीर्थ क्षेत्र भवन में रह रहे हैं, जबकि वह भी कारसेवकपुरम में रात्रि प्रवास करते थे।
खबरें और भी
दूसरी ओर, सूत्रों ने तो यह भी दावा किया है कि गुरुवार को भी गोपाल राव ने राम मंदिर में गेट संख्या-दाे से प्रवेश किया, लेकिन अधिक देर तक रुके नहीं।
यह भी पढ़ें- रामलला के भोग-राग को लेकर गोविंददेव गिरि ने जताया दुख, चंपतराय की भूमिका पर उठाए सवाल