राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश के मकान का निर्माण निकला अवैध, बुलडोजर एक्शन तय
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी लवकुश मिश्र का निर्माणाधीन मकान अवैध पाया गया है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने बिना नक्शा पास कराए निर्माण के लिए न ...और पढ़ें

चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश का मकान निकला अवैध।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
विनोद यादव,अयोध्या। इन दिनों राम मंदिर चढ़ावा चाेरी का प्रकरण सुर्खियों में है। पुलिस एक ओर आरोपितों के घरों पर छापेमारी कर नकदी व अन्य सामान की बरामदगी करने में जुटी है तो दूसरी ओर इससे जुड़े आरोपितों की संपत्तियों पर भी प्रशासन की नजर है।
इनकी संपत्तियां खंगाली जा रही है। प्रकरण के बहुचर्चित आरोपित लवकुश मिश्र का निर्माणाधीन मकान ही अवैध निकला। लवकुश ने इसका नक्शा पास कराए बिना मकान का निर्माण करा लिया।
अयोध्या विकास प्राधिकरण की जांच में यह सच सामने आया है। अब इसके ध्वस्तीकरण के आसार बढ़ गये हैं। प्राधिकरण ने इसकी नोटिस भी भेज दी है। इस निर्माणाीन मकान का क्षेत्रफल लगभग एक हजार वर्ग फिट से अधिक है।
लवकुश का मकान सआदतगंज में निर्माणाधाीन है। विकास प्राधिकरण के जेई की जांच में पता चला कि इस भवन का नक्शा पास नहीं हुआ है। यह भी पता चला है कि इस मकान को बनाने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण में आवेदन ही नहीं किया गया है।

बिना मानचित्र आवेदन के ही मकान निर्माण शु़रू करा दिया गया। ये भी सूचना है कि इसका लेआउट तक प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया है।
दरअसल ये नोटिस जेल में निरुद्ध लवकुश मिश्र की पत्नी सुप्रिया के नाम जारी हुई है। चर्चा है कि विकास प्राधिकरण की नोटिस का जवाब न मिलने पर निर्माण पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई भी हो सकती है। हालांकि विकास प्राधिकरण से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
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बताया गया कि सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत निर्माणाधीन मकान के खिलाफ नोटिस दी गई है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रवर्तन दल कर्मियों की ओर से अवैध निर्माण की जांच की जा रही है। इसी क्रम में इस निर्माण की जांच हुई है। लवकुश मूलरूप से थाना रुदौली के ठकुरान फगौली का रहने वाला है।

उसके घर से लगभग 14 लाख 25 हजार की नकदी भी मिली है। उधर एक अन्य आरोपित के घर पर राजस्व टीम के जाने की चर्चा है। यह मकान शहर में ही है।
एडीए सचिव एवं प्रवर्तन अधिकारी राजेश मिश्र ने बताया कि लवकुश के निर्माणाधीन मकान का मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया है और न ही एडीए की याेजनाओं से संबंधित है। सचिव ने कहा कि एडीए से लेआउट स्वीकृत कराए बगैर भवन का निर्माण कराना अवैध है।