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    राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नया मोड़, ट्रस्ट में किसी पद पर न होते हुए भी मंदिर में बहुत कुछ हैं गोपाल राव

    Updated: Sat, 27 Jun 2026 12:14 PM (IST)

    कर्नाटक के मूल निवासी गोपाल राव, जो पूर्व में संघ के प्रांत प्रचारक रहे हैं, अयोध्या राम मंदिर के प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण अनौपचारिक भूमिका निभाते है ...और पढ़ें

    राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में राम मंदिर के व्यवस्थापक से कई बार ली गई जानकारी। जागरण

    राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में राम मंदिर के व्यवस्थापक से कई बार ली गई जानकारी। जागरण

    HighLights

    1. गोपाल राव अयोध्या राम मंदिर के महत्वपूर्ण अनौपचारिक व्यवस्थापक हैं।

    2. संघ के प्रांत प्रचारक रहे, अब विहिप के केंद्रीय सह मंत्री।

    3. मंदिर के आयोजनों, भोग, पुजारी प्रबंधन में सीधा हस्तक्षेप।

    जागरण संवाददाता, अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट से निर्णय आने के बाद जब जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण प्रारंभ हुआ, तो कुछ दिनों बाद ही संघ व विहिप से जुड़े देश भर के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को अयोध्या बुला लिया गया।

    इनमें से कुछ को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं, तो कुछ सहायक के तौर पर विभिन्न कार्यों की निगरानी करते रहे। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद इनमें से कई लोग विधिवत ट्रस्ट के कर्मी बन गए और अलग-अलग व्यवस्थाएं संभालने लगे। इन्हीं में से एक कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के मूल निवासी गोपाल राव भी रहे।

    गाेपाल राव को पहले निर्माण प्रभारी बनाए रखा गया, तो बाद में राम मंदिर का व्यवस्थापक बना दिया गया। जानकारों के अनुसार भौतिकी विज्ञान से परास्नातक गोपाल राव कर्नाटक के प्रांत प्रचारक रहे और वर्तमान में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह मंत्री पद पर कार्यरत हैं।

    संघ के समर्पित पदाधिकारी के रूप में प्रतिष्ठित गोपाल राव को गत वर्ष ट्रस्ट में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भी शामिल कर लिया गया। हालांकि इसे आधिकारिक रूप से कभी घोषित नहीं किया गया है, परंतु इन्हें ट्रस्ट महासचिव चंपतराय के बाद मंदिर प्रबंधन में दूसरे स्थान पर माना जाता रहा है।

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    यही कारण रहा कि इनका मंदिर से जुड़े लगभग समस्त कार्यों में सीधा हस्तक्षेप रहता है। परिसर में किसी भी आयोजन, भगवान के भोग की सामग्री की खरीद और पुजारियों का प्रबंधन भी इन्हीं के जिम्मे है। साथ ही दर्शन व आरती पास से जुड़ी समस्त जिम्मेदारी यही निभाते चले आ रहे हैं। ट्रस्ट के लिए भूमि खरीद में भी इनकी अपरोक्ष भूमिका रही है।