आयोध्या के 'ब्लू जोन' में जमीन का पांचवा खरीदार है आरोपी लवकुश, अब तक कई गुना बढ़ी कीमत
आरोपित लवकुश ने अयोध्या के 'ब्लू जोन' में अपनी पत्नी के नाम एक भूखंड खरीदा है, जो महायोजना 2031 के तहत आवासीय निर्माण के लिए प्रतिबंधित है। ...और पढ़ें

बनबीर में निर्माणाधीन लवकुश मिश्र का मकान
HighLights
लवकुश ने अयोध्या के 'ब्लू जोन' में भूखंड खरीदा।
यह भूमि आवासीय निर्माण के लिए प्रतिबंधित है।
राम मंदिर निर्णय के बाद भूमि की कीमतें बढ़ीं।
विनोद यादव, अयोध्या। चढ़ावा चोरी के आरोपित लवकुश के 'ब्लू जोन' में निर्माणाधीन आवासीय भवन के भूखंड का भी किस्सा रोचक है। बताया जा रहा कि लवकुश इस भूमि का पांचवा खरीदार है। लवकुश ने अपनी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम इस भूमि काे लगभग साढ़े 22 लाख रुपये में खरीदा है।
इस क्षेत्र में 2016 में जमीन मालिक ने बिक्री शुरू की थी। इसके बाद से इस क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलरों ने प्लाटिंग कर भूखंडों को बेचना प्रारंभ कर दिया। उस समय इसका मूल्य लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये बिस्वा था। पर जब लवकुश ने इस भूमि को खरीदा तो भूमि की कीमत लगभग 29 लाख रुपये बिस्वा तक हो चुकी थी। सीमा विस्तार के बाद यह क्षेत्र महायोजना 2031 में 'ब्लू जोन' घोषित है, जहां आवासीय भवन का निर्माण नहीं हो सकता है।
यह भूमि इस समय नगर निगम के बनबीरपुर क्षेत्र की है। दस वर्ष पूर्व यहां पर सरयू नदी की बाढ़ का पानी भी भर जाता था। समय बदलने के साथ ही भूमि के क्रेता व विक्रेताओं की दृष्टि इधर गई। फिर इसी के बाद से यहां बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद फरोख्त प्रारंभ हुई। शुरुआती दौर में यहां पर भूमि सस्ती थी।
इस क्षेत्र की जमीनों की खरीद फरोख्त सोहावल तहसील में होती है। इधर राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट से निर्णय आने के बाद से यहां की भूमि सोना हो गई। लवकुश ने जिस भूखंड का बैनामा कराया है, उसका भू-स्वामी खपराडीह राज परिवार था। सूत्राें की माने तो उन्होंने पहली बार 2016 में यहां की भूमि की बिक्री प्रारंभ कर दी।
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पहले खरीदार के बाद इसी भूखंड को जफर सलीम ने खरीदा। फिर जफर सलीम ने वर्ष 2021-22 के लगभग दीपमाला को बेंच दिया। इसके बाद दीपमाला से वर्ष 2024 में कमल सिंह ने इसे खरीदा है। फिर कमल से ही लवकुश मिश्र ने इस भूखंड का सौदा करते हुए इसका बैनामा अपनी पत्नी सुप्रिया के नाम कराया।
बैनामा 16 अक्टूबर 2025 को सोहावल तहसील में हुआ, जिसका क्षेत्रफल लगभग 1024 वर्ग फिट है। इस भूखंड के एवज में लवकुश ने आठ लाख 80 हजार रुपये विक्रेता के बैंक खाते में भेजे हैं, जिसका उल्लेख दस्तावेज में है।
बाकी की रकम उसने नकद दी है। इस भूमि का नामांतरण इसी वर्ष बीती छह मार्च को हुआ। इस क्षेत्र में भूमि का क्रय-विक्रय करने वाले बताते हैं कि तत्समय यहां दो हजार दो सौ रुपये वर्गफीट के लगभग भूमि का मूल्य चल रहा था।