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    राम मंदिर ट्रस्ट में साधु-संतों और विहिप व संघ से जुड़े लोग भी शामिल, पढ़िए संक्षिप्त परिचय

    Updated: Sun, 28 Jun 2026 09:40 AM (IST)

    श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में संत-धर्माचार्यों, विहिप व संघ से जुड़े लोगों के साथ अधिवक्ता व प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं। ट्रस्ट की संरच ...और पढ़ें

    अयोध्या राम मंदिर में चोरी के आरोपी। जागरण

    अयोध्या राम मंदिर में चोरी के आरोपी। जागरण

    HighLights

    1. ट्रस्ट में संत, विहिप, संघ सदस्य और अधिकारी शामिल हैं।

    2. कृष्ण मोहन को कामेश्वर चौपाल के स्थान पर ट्रस्टी बनाया गया।

    3. चंपतराय दान चोरी आरोपों पर जांच रिपोर्ट के बाद पक्ष रखेंगे।

    जागरण संवाददाता, अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में संत-धर्माचार्यों के साथ विश्व हिंदू परिषद व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों के अलावा अधिवक्ता व प्रशासनिक अधिकारियों को भी पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इसके 15 सदस्यों में तीन पदेन हैं, तो अन्य लोग नामित सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। हालांकि, वर्तमान में एक पद अयोध्या राजपरिवार के मुखिया रहे बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का 23 अगस्त 2025 को निधन हो जाने के बाद से रिक्त है।

    बिहार के प्रतिनिधि रहे विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी कामेश्वर चौपाल के निधन के पश्चात अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले पूर्व आइएफएस कृष्ण मोहन को ट्रस्टी बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट से नौ नवंबर 2019 को मंदिर निर्माण के पक्ष में निर्णय आने के बाद न्यायालय के आदेश के अनुपालन में केंद्र सरकार ने पांच फरवरी 2020 को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था। इसकी घोषणा स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में की थी।

    ट्रस्ट सदस्यों का संक्षिप्त परिचय

    • महांत नृत्यगोपालदास, अध्यक्ष : मंदिर आंदोलन के श्लाका पुरुष रहे रामचंद्र परमहंस के बाद इन्हें ही श्रीरामजन्मभूमि न्यास का अध्यक्ष बनाया गया था।
    • चंपतराय, महासचिव : विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष और मंदिर आंदोलन से जुड़े रहने वाले।
    • के. परासरण, संस्थापक सदस्य : सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता, जिन्होंने अदालत में रामलला विराजमान का पक्ष बेहद मजबूती से रखा।
    • स्वामी गोविंददेव गिरि, कोषाध्यक्ष : महाराष्ट्र के आध्यात्मिक वक्ता, जो ट्रस्ट के वित्तीय कार्यों की देखरेख करते हैं।
    • जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, सदस्य : प्रयागराज की ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य और प्रमुख संतों में शामिल।
    • जगद्गुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ, सदस्य : उडुपी स्थित प्रसिद्ध पेजावर मठ के 33वें पीठाधीश्वर।
    • युगपुरुष परमानंद गिरि, सदस्य : हरिद्वार के अखंड आश्रम के प्रमुख और वेदांत के जाने-माने विद्वान।
    • डा. अनिल कुमार मिश्र, सदस्य : होम्योपैथिक चिकित्सक, जो संघ और मंदिर आंदोलन से दशकों से जुड़े रहे।
    • महांत दिनेंद्रदास, आजीवन सदस्य : निर्मोही अखाड़े के प्रतिनिधि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ट्रस्ट में मिला स्थान।
    • कृष्णमोहन, सदस्य : हरदोई के मूल निवासी व भारतीय वन सेवा के पूर्व अधिकारी को कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद सम्मिलित किया गया।
    • नृपेंद्र मिश्र, भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष : प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव और जिनके जिम्मे मंदिर निर्माण का तकनीकी और ढांचागत काम है।
    • प्रशांत लोखंडे, पदेन सदस्य : केंद्र सरकार के प्रतिनिधि और केंद्रीय गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव रहे व वर्तमान में सीबीएसई के अध्यक्ष।

    जांच रिपोर्ट आने के बाद पक्ष रखेंगे चंपतराय
    राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने भले अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है, परंतु वह चढ़ावा चोरी को लेकर मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखेंगे। उनके करीबी लोगों का कहना है कि वह विशेष जांच दल की जांच रिपोर्ट सामने आ जाने के बाद अपना पक्ष सबके सामने प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने मीडिया में आ रही खबरों को लेकर कहा है कि जिस तरह से उनके प्रति प्रचार हो रहा है, इससे वह आहत हैं।

     

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