आज तय होगी रामलला के झूलनोत्सव की रूपरेखा, पहली बार निकलेगी पालकी यात्रा
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धर्म समिति की पहली वर्चुअल बैठक में रामलला के सावन उत्सव और मेले की रूपरेखा तय होगी। इसमें झूलनोत्सव को भव्य ब ...और पढ़ें

अयोध्या राम मंदिर। जागरण
HighLights
धर्म समिति की पहली वर्चुअल बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय।
रामलला के झूलनोत्सव को भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
पहली बार रामलला की पालकी यात्रा कुबेर टीला तक।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नवगठित धर्म समिति की पहली बैठक शनिवार को वर्चुअल होगी। इसमें रामलला के सावन उत्सव और सावन मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष व धार्मिक समिति के अध्यक्ष गोविंद देव गिरी सहित समिति के सभी सदस्य ऑनलाइन जुड़ेंगे। बैठक का प्रमुख एजेंडा इस बार के झूलनोत्सव को भव्य स्वरूप प्रदान करना है। पहली बार रामलला की पालकी यात्रा निकाली जाएगी। पालकी को कुबेर टीला तक ले जाकर भ्रमण कराने की योजना है। इसे राम मंदिर परिसर में नई धार्मिक परंपरा की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
झूलनोत्सव की तिथि में बदलाव पर भी समिति अंतिम निर्णय लेगी। परंपरागत रूप से यह उत्सव सावन शुक्ल पंचमी से शुरू होता रहा है, लेकिन इस बार सावन शुक्ल तृतीया से आयोजन शुरू करने का प्रस्ताव है। 12 दिनों तक चलने वाले उत्सव में झूला दर्शन के साथ कजरी गीत और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए कलाकारों के चयन पर भी चर्चा होगी।
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सावन मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था, कतार प्रबंधन, सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। धार्मिक समिति में नौ सदस्यों को शामिल किया गया है।
इसमें अध्यक्ष के रूप में गोविंददेव गिरि के अलावा जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुरुष स्वामी परमानंद, स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ, निर्मोही अखाड़ा के महांत दिनेंद्रदास, ट्रस्ट अध्यक्ष महांत नृत्यगोपालदास के उत्तराधिकारी महांत कमलनयनदास, महांत रामानंददास, सिद्धपीठ श्रीहनुमन्निवास के महांत आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण और रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमारदास सदस्य हैं।