विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चढ़ावा चोरी: मैकेनिक-वीडियोग्राफर करते थे दान की गिनती, SIT की रिपोर्ट के बाद SBI के बैंक कर्मी रडार पर

Published: Mon, 20 Jul 2026 08:53 AM (GMT+05:30)

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसमें बैंक कर्मियों और गणना कर्मियों की आपूर्तिकर्ता फर्म पर कार्रवाई हो सकती है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

प्रवीण तिवारी, अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले की चल रही एसआईटी जांच की अंतिम रिपोर्ट की सभी को बेसब्री से प्रतीक्षा है। इसके आने पर बैंक कर्मियों के साथ कुछ और लोग कार्रवाई की परिधि में आ सकते हैं।

सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कुछ स्थानीय कर्मियों की भूमिका स्पष्ट रूप से तय की जा सकती है। बैंक प्रबंधन भी फर्म से करार तोड़ कर नियमों के दायरे में कार्रवाई की तैयारी में है।

फर्म ने चढ़ावा गिनती में हाउस कीपिंंग के नाम पर भर्ती स्टाफ को तैनात कर रखा था, जैसे आरोपित गणनाकर्मियोंं में कोई पहले मैकेनिक था तो कोई शादी-ब्याह में वीडियो रिकॉर्डिंग करता था।

इसमें छोटे-छोटे कारोबारी भी शामिल हैं। ऐसे लोगों को ही फर्म ने सीधे धनराशि की गणना में क्यों लगाया, इस पर सवाल उठे हैं। वर्षों से यह चढ़ावा राशि एसबीआई अयोध्या शाखा में जमा होती है।

यह भी पढ़ें- राम मंदिर से चढ़ावा चोरी के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम की नगरी अयोध्या में एक और पाप, सरयू नदी में बीयर और मटन पार्टी

44 कर्मचारी दो पालियों में करते थे दान की गिनती

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद चढ़ावा राशि कई गुणा बढ़ी और महाकुंभ आते-आते यह नित्य एक करोड़ का आंकड़ा पार कर गई। बस, यहीं पर बैंक ने सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज से अनुबंध कर उससे कर्मियों की आपूर्ति करा दी। लगभग 44 कर्मचारी दो पालियों में राशि की गिनती करते थे।

Ram-Mandir-chadhawa-chori-News-1782867626096_v

जेल में बंद आठ में से छह गणना कर्मी इसी फर्म का हिस्सा हैं। दो ही ट्रस्ट के हैं। अब जांच रिपोर्ट से प्रकरण में स्पष्टता आ सकेगी। इस अंतिम जांच रिपोर्ट में फर्म पर बैंक के साथ दायित्व तय हो सकता है, क्योकि बैंक ने गणना में कुछ कर्मी लगाए थे।

उधर, चर्चा यह भी है कि बैंक प्रबंधन ही फर्म पर शीघ्र कार्रवाई कर सकता है। इसीलिए संभवत: बैंक ने पहले ही अपनी तैयारी प्रारंभ कर दी है। गणना दो पाली की जगह नौ घंटे की एक पाली में कराना शुरू करा दी।

बैंक के नियमित कर्मियों को लगाने की योजना है। बैंक मैनेजर अनूप तिवारी ने कुछ भी बोलने से इनकार दिया।

sanskrit school UP - 2026-07-02T082354.553

बैंक के सुझाव पर ही गणना कक्ष में लगी थी मेज-कुर्सी

अयोध्या: ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपतराय के एसआइटी को भेजे गये पत्र से भी बैंक के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है। उन्होंने इसमें उल्लेख किया है कि नौ फरवरी 2024 को जो अनुबंध हुआ था, उसके प्रत्येक पृष्ठ पर मेरे हस्ताक्षर हैं।

अनुबंध में सुरक्षित गणना के सभी प्रविधान थे तो बैंक अधिकारी बताएंगे कि इसमें ढिलाई कैसे हो गई। कक्ष में सीसी कैमरे, लोहे की सलाखों का दरवाजा आदि था। कुर्सी पर बैठ कर मेज पर गणना कराने का परामर्श बैंक का था। उन्होंने अपने पत्र में तीखी टिप्पणी भी की है।

यह भी पढ़ें- अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक 22 जुलाई को, सीईओ की तैनाती पर लगेगी मुहर

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।