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    अयोध्या के राम मंदिर में कायम था टिन्नू का दबदबा और रुतबा, ‍उसने शिथिल की थी गणना कक्ष की सुरक्षा

    By Shab Deen Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Wed, 15 Jul 2026 04:56 PM (IST)

    Tinnu Yadav Ayodhya: एसआईटी की जांच रिपोर्ट में भी दरअसल इस बात का उल्लेख है कि टिन्नू को बिना लिखा पढ़ी के हुंडियों की चाबी सौंपी गई थी। ...और पढ़ें

    रामशंकर यादव टिन्नू

    रामशंकर यादव टिन्नू 

    HighLights

    1. गणना कक्ष की सुरक्षा में लापरवाही, आरोपित करते रहे रकम पर हाथ साफ

    2. एसआईटी की सख्त पूछताछ से सामने आ गए टिन्नू के कई राज

    3. चेकिंग करने वाले सुरक्षा गार्डों को डपट देता था टिन्नू

    प्रमोद दुबे, अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी में दर रोज नई जानकारियां बाहर आ रही हैं। चोरी के आठ आरोपित जेल में बंद हैं और उनसे पूछताछ इस रैकेट का राज खोलने में कामयाब भी हो रही हैं।

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी में गिरफ्तार आठ आरोपियों में शामिल टिन्नू यादव का राम मंदिर परिसर में अलग ही रुतबा था। संघ और विहिप पदाधिकारियों का करीबी माना जाने वाला टिन्नू यादव मंदिर परिसर में राज करता था। उसकी जमकर मनमानी चलती थी और मंदिर का चढ़ावा चोरी करने में संगठित गिरोह की तरह काम करता था।

    एसआईटी की सख्त पूछताछ से रामशंकर यादव टिन्नू के कई राज सामने आए हैं। चढ़ावा चोरी में अयोध्या पुलिस के साथ राज्य सरकार की ओर से गठित एसआईटी समानांतर जांच कर रही है। वहीं सूत्रों ने एक और खुलासा किया, जिसमें आरोपित रामशंकर यादव टिन्नू के रुतबे का किस्सा है।

    कोई भी तलाशी की हिम्मत नही जुटाता था

    बताया जा रहा है कि टिन्नू जब मंदिर और गणना कक्ष के अंदर जाता था तो उसे चेक करने वाले को कोप का शिकार होना पड़ता था। इससे कोई भी तलाशी की हिम्मत नही जुटाता था। इतना ही नहीं जब भी सुरक्षा गार्ड तलाशी लेने को बढ़ता तो उस पर वह रौब भी गांठता था। उसकी ड्यूटी तक समाप्त करने की धमकी देता था। इस वजह से निजी क्षेत्र के एजेंसी की ओर से तैनात किए जाने वाले सुरक्षा कर्मी पीछे हट जाते थे। यहां तक मंदिर का गेट न खोलने पर भी सुरक्षा कर्मियों को फटकार सुननी पड़ती थी।

    बिना लिखा पढ़ी के हुंडियों की चाबी सौंपी गई 

    एसआईटी की जांच रिपोर्ट में भी दरअसल इस बात का उल्लेख है कि टिन्नू को बिना लिखा पढ़ी के हुंडियों की चाबी सौंपी गई थी। उसे यह चाबियां किसने व किस परिस्थिति में दी गई हैं, इस तथ्य का पता नहीं चल सका। लोगों को उम्मीद है कि एसआइटी की विस्तृत व अंतिम रिपोर्ट ही इस राज को खोलेगी।

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    टिन्नू के मददगार कौन-कौन हैं, इसकी जानकारियां भी सामने आ सकती हैं, जिसमें पता चलेगा की टिन्नू का मददगार कौन-कौन था। उसके अड़ियल रवैये के कारण दूसरों से कई बार विवाद भी हुआ। चढ़ावा चोरी को लेकर ट्रस्टियों पर निशाना साधने वाले तो इस अव्यवस्था का जिम्मा तो चंपतराय पर फोड़ रहे हैं।

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