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    यूपी में अब किसानों को उर्वरक के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लाइन, ऑनलाइन बुकिंग पर खाद की होगी होम डिलीवरी

    By Nafees Edited By: Ashish Mishra
    Updated: Sun, 22 Mar 2026 06:10 PM (IST)

    अयोध्या में किसानों को अब खाद, बीज और कीटनाशक की होम डिलीवरी मिलेगी। सहकारिता विभाग ने बी-पैक्स समितियों के माध्यम से डिजिटल ऐप द्वारा यह सुविधा शुरू ...और पढ़ें

    अब ऑनलाइन होगी खाद की होम डिलीवरी।

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    संवाद सूत्र, शुजागंज (अयोध्या)। रुदौली क्षेत्र के किसानों को अब उर्वरक के लिए साधन सहकारी समितियों की लंबी कतार में नहीं लगना पड़ेगा। सहकारिता विभाग ने बी-पैक्स समितियों के जरिए खाद, बीज और कीटनाशक की होम डिलीवरी की तैयारी पूरी कर ली है। आगामी खरीफ अभियान 2026-27 से डिजिटल एप के माध्यम से उर्वरक वितरण शुरू करने की योजना है, जिससे करीब 69 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

    उर्वरक वितरण को पारदर्शी और सरल बनाने के उद्देश्य से विशेष डिजिटल एप सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। इस व्यवस्था के तहत शेयरधारक किसानों का पूरा डाटा आईएफएमएस पोर्टल पर फीड किया जा रहा है।

    इसमें किसान का नाम, फोटो, पता, जोत रकबा और उर्वरक की आवश्यकता का विवरण दर्ज होगा। एक अप्रैल से इसे उर्वरक एप से जोड़ा जाएगा, जिससे किसान जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।

    बुकिंग के 24 घंटे के भीतर जोत मानक के अनुसार खाद की आपूर्ति संबंधित किसान के पते पर सोसाइटी के माध्यम से कराई जाएगी। इससे किसानों को यह जानने के लिए समिति का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा कि खाद आई या नहीं। वितरण प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होने से पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

    रुदौली में 19 साधन सहकारी समितियां संचालित हैं। सदस्यता अभियान के तहत 226 रुपये शुल्क जमा कर सहकारिता का शेयर खरीदने वाले किसानों का डाटा फीड किया जा रहा है।

    इस बार 3800 सदस्यता लक्ष्य के सापेक्ष 3000 किसानों को विभाग ने सदस्य बनाया है। ऑनलाइन सदस्यता प्रक्रिया अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक किसान सहकारी व्यवस्था से जुड़कर ऋण, बीज अनुदान और अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

    एडीओ कोऑपरेटिव जयचंद वर्मा ने बताया कि खरीफ सीजन से डिजिटल एप के जरिए उर्वरक वितरण की प्रक्रिया लागू की जाएगी। किसानों और कर्मचारियों को इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।

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