ई-साक्ष्य एप बना यूपी पुलिस का नया हथियार, अब घटनास्थल से सीधे सर्वर तक पहुंचेगा सबूत
रुदौली पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय में 60 पुलिसकर्मियों को ई-साक्ष्य एप के संचालन और डिजिटल साक्ष्य संकलन का प्रशिक्षण दिया गया। यह एप नए आपराधिक का ...और पढ़ें

अब घटनास्थल से सीधे सर्वर तक पहुंचेगा सबूत। AI जेनरेटेड फोटो
HighLights
रुदौली में 60 पुलिसकर्मियों को ई-साक्ष्य एप का प्रशिक्षण।
एप से घटनास्थल से डिजिटल साक्ष्य सीधे सर्वर पर।
विवेचना प्रक्रिया आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
संवाद सूत्र, शुजागंज (अयोध्या)। अपराध विवेचना को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में पुलिस विभाग तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में रुदौली पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यशाला में रुदौली सर्किल क्षेत्र के 60 पुलिस निरीक्षक व उपनिरीक्षकों को ई-साक्ष्य एप के संचालन, डिजिटल साक्ष्य संकलन और सुरक्षित संरक्षण का प्रशिक्षण दिया गया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी अरविंद सोनकर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप डिजिटल जांच प्रणाली की उपयोगिता और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
पुलिस क्षेत्राधिकारी अरविंद सोनकर ने बताया कि ई-साक्ष्य एप भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम बीएसए के अनुरूप विकसित किया गया है।
यह एप घटनास्थल की रियल-टाइम वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटो कैप्चर, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल दस्तावेजीकरण की सुविधा प्रदान करता है। विवेचाधिकारी मौके पर पहुंचते ही एप के माध्यम से घटनास्थल का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर सकेंगे, जिससे साक्ष्यों की प्रमाणिकता और मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि एप में जीपीएस आधारित लोकेशन टैगिंग, टाइम स्टैम्प, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल केस डायरी, एसआईडी जनरेशन और चेन ऑफ कस्टडी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों को सीधे सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया जा सकेगा और उनमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।
कार्यशाला में पुलिसकर्मियों को बताया गया कि हत्या, दुर्घटना, चोरी, साइबर अपराध और महिला अपराध जैसे मामलों में विवेचाधिकारी घटनास्थल की तत्काल वीडियोग्राफी कर साक्ष्य सुरक्षित कर सकेंगे। इससे अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अधिक सशक्त और विश्वसनीय बनेगी।
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रुदौली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने कहा कि बदलते दौर में अपराधों का स्वरूप तेजी से डिजिटल हो रहा है। ऐसे में तकनीकी रूप से प्रशिक्षित पुलिस बल समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ई-साक्ष्य एप से विवेचना की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी, साथ ही अपराधियों के खिलाफ मजबूत पैरवी सुनिश्चित हो सकेगी।