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    आजमगढ़ में अंगूठा क्लोनिंग कर साइबर ठगी की रकम निकालने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सरगना गिरफ्तार

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 08:31 PM (IST)

    आजमगढ़ में साइबर सेल और गंभीरपुर पुलिस ने अंगूठा क्लोनिंग कर AEPS के माध्यम से ठगी करने वाले गिरोह के सरगना सद्दाम को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लगभग ...और पढ़ें

    अंगूठा क्लोनिंग कर साइबर ठगी की रकम निकालने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार।

    अंगूठा क्लोनिंग कर साइबर ठगी की रकम निकालने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार।

    HighLights

    1. आजमगढ़ में अंगूठा क्लोनिंग कर साइबर ठगी का खुलासा।

    2. गिरोह का सरगना सद्दाम गिरफ्तार, पहले भी कई मुकदमे दर्ज।

    3. AEPS के माध्यम से लगभग पांच लाख रुपये की ठगी।

    जागरण संवाददाता, आजमगढ़। साइबर सेल और गंभीरपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अंगूठा क्लोनिंग कर एईपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) के माध्यम से साइबर ठगी की रकम निकालने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार आरोपित की पहचान गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रंजीतपट्टी मुहम्मदपुर निवासी सद्दाम के रूप में हुई है। उसके विरुद्ध पहले से गोकशी और गैंग्सटर एक्ट समेत छह से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

    अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि 11 जुलाई को प्रतिबिंब पोर्टल पर मिली सूचना के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों और एटीएम हाटस्पाट (जिस एटीएम से लगातार साइबर ठगी की कम निकलती है) की जांच की जा रही थी।

    जांच के दौरान दयालपुर गांव निवासी 19 वर्षीय यश विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से बायोमेट्रिक मशीन, पीओएस मशीन, कूटरचित अंगूठा क्लोन, कई एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री बरामद हुई थी।

    पूछताछ में सामने आया था कि यश अपने साथी सद्दाम के साथ मिलकर साइबर ठगी की धनराशि विभिन्न बैंक खातों में मंगाता था। इसके बाद बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और पीओएस मशीन के माध्यम से रकम निकालकर कमीशन काटने के बाद साइबर अपराधियों तक पहुंचा दी जाती थी। इसी आधार पर सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रानीपुर-रजमों मोड़ से सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया।

    अपने व गिरोह के साथियों समेत अन्य लोगों के अंगूठे की कर रखी थी क्लोनिंग

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सद्दाम कोटिला में जनसेवा केंद्र का संचालन करता था। उसने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ-साथ अन्य लोगों के अंगूठों के भी क्लोन तैयार कर रखे थे, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम निकालने में किया जाता था।

    अब तक करीब पांच लाख रुपये की साइबर ठगी का राजफाश हो चुका है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और ठगी की रकम के बारे में पता लगाने का प्रयास कर रही है।

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