आजमगढ़ में झोलाछाप डॉक्टर के ऑपरेशन से महिला की मौत, शव लेकर 6 घंटे तक कार में घूमता रहा आरोपी
आजमगढ़ के मुबारकपुर में एक अवैध नर्सिंग होम में ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा ...और पढ़ें
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महिला की मौत के बाद रोते बिलखते स्वजन
HighLights
अवैध नर्सिंग होम में ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत।
परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया।
स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम को सील कर कार्रवाई की।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के हरैया बाजार स्थित अवैध आर्य नंदिनी नर्सिंग होम में ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत के बाद बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। स्वजन ने झोलाछाप पर बिना अनुमति ऑपरेशन करने और लापरवाही का आरोप लगाते हुए बलिया-लखनऊ मार्ग जाम कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के समझाने पर करीब एक घंटे बाद यातायात बहाल हो सका। मृतका की पहचान मऊ जिले के घोसी क्षेत्र निवासी 52 वर्षीय श्यामदुलारी के रूप में हुई। बेटे जयहिंद चौहान ने बताया कि मां को पिछले कुछ दिनों से पेट में दर्द था, वह अपनी मां को लेकर मुबारकपुर स्थित अबाड़ी गांव अपने बुआ जंगवती के घर आया था।
बुआ सोमवार को अवैध आर्य नंदिनी नर्सिंग होम में आरोपित झोलाछाप गुलाबचंद चौहान को अपने आप को दिखाने गई थी, बुआ ने झोलाछाप से मां के बीमारी के बारे में भी जिक्र कर दिया। आरोपित ने कहा कि मंगलवार को दिखा देना, दवा से सही हो जाएगा। इसके बाद मंगलवार को मां को लेकर नर्सिंग होम पहुंचा, जहां आरोपित ने देखने के बाद कहा कि भर्ती करना होगा, ठीक हो जाएगी।

बुधवार सुबह मां को वापस दर्द होने पर करीब दस बजे नर्सिंग होम लेकर पहुंचा तो आरोपित झोलाछाप देखने की बात कहते हुए सीधे मां को लेकर ऑपरेशन रूम में लेकर चला गया। करीब दो घंटे तक अंदर जांच करने के नाम पर ऑपरेशन कर दिया।
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ऑपरेशन के दौरान मां की मौत हो गई, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। करीब 11.30 बजे बाहर निकलते हुए बिना कुछ बताए शव को कार में रख लिया और मरीज की हालत गंभीर बताकर बड़े अस्पताल ले जाने की बात कहकर निकल गया। आरोपित 12 बजे फोन कर शहर के रमा अस्पताल बुलाया, यहां पहुंचने पर कहा कि गलती हो गई है।
कुछ रुपये लेकर मामला रफा-दफा कर दो। समझौते के लिए पहले तीन लाख और फिर पांच लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा। स्वजन के विरोध करने पर वह वहां से धक्का देकर कार लेकर फरार हो गया। शव कार में ही रखा हुआ था, इसके बाद हम लोग हरैया बाजार स्थित नर्सिंग होम पहुंचे और आरोपित की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध करने लगे।
घटना के बाद पूरा स्टाफ मौके से फरार हो गया। सूचना पर क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल और मुबारकपुर पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपित झोला छाप पिछले पांच साल से क्षेत्र में अवैध नर्सिंग होम संचालित कर रहा था। मृतक के पति राजेंद्र चौहान दिल्ली में मजदूरी करते है।

छह घंटे तक शव का नहीं चला पता
बेटे जयहिंद ने बताया कि मां की मौत करीब बारह बजे हो गई थी, लेकिन शव का पता देर शाम तक नहीं चला। करीब आठ बजे मूसेपुर चौकी की पुलिस शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। यहां पुलिस ने बताया कि शव रमा अस्पताल के बाहर कार में पड़ा हुआ था।
स्वजन का आरोप है कि उनके मां का शव कार में रख कर छह घंटे तक घूमता रहा। देर शाम करीब आठ बजे मूसेपुर पुलिस चौकी प्रभारी रमा अस्पताल के बाहर से एंबुलेंस द्वारा शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को किया सील
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। जांच में अस्पताल का कोई वैध पंजीकरण नहीं मिला। भर्ती तीन अन्य महिला मरीजों को जिला महिला चिकित्सालय भेजने के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने संचालक के खिलाफ संबंधित थाने में तहरीर दी है। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण इलाज और ऑपरेशन करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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