Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गोरखपुर मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात बदमाश बाबू, आजमगढ़ में करने वाला था एक और नेता की हत्या

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 09:37 AM (GMT+05:30)

    बसपा नेता कमालुद्दीन की हत्या का आरोपी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू गोरखपुर में एसटीएफ मुठभेड़ में मारा गया। वह आजमगढ़ में एक और नेता की हत्या करन ...और पढ़ें

    मुठभेड़ में गोली लगने से गंभीर बदमाश, जिलाअस्पताल लेकर पहुंची पुलिस। जागरण

    मुठभेड़ में गोली लगने से गंभीर बदमाश, जिलाअस्पताल लेकर पहुंची पुलिस। जागरण

    HighLights

    1. बसपा नेता कमालुद्दीन का हत्यारा बाबू गोरखपुर मुठभेड़ में मारा गया।

    2. आजमगढ़ में एक अन्य नेता की हत्या करने जा रहा था।

    3. फरार साथी से हत्या की साजिश का राज खुलेगा।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बसपा नेता कमालुद्दीन की हत्या कर सनसनी फैलाने वाला बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू एक और नेता की हत्या करने वाला था। सूचना मिलने पर एक सप्ताह से एसटीएफ और आजमगढ़ जिले की पुलिस उसकी तलाश में नेपाल सीमा से लगे जिलों में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।

    सोमवार की रात आजमगढ़ जाते समय रामनगर कड़जहां के पास टीम ने उसे घेर लिया। एसटीएफ का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान फरार हुए बदमाश की गिरफ्तारी के बाद पता चलेगा कि मुस्तफिजुल किस नेता की हत्या करने जा रहा था।

    एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल अपने एक साथी के साथ बाइक से गोरखपुर के रास्ते आजमगढ़ जाने वाला है। इसके बाद सीओ एसटीएफ धर्मेश शाही ने खोराबार क्षेत्र में रामनगर कड़जहां फोरलेन पर घेराबंदी करने की योजना बनाई। कार्रवाई के लिए टीम को तीन हिस्सों में बांटा गया ताकि किसी भी दिशा से भागने का मौका न मिले।

    रात करीब 11 बजे शहर की ओर स्पलेंडर बाइक से दो व्यक्ति आते हुए दिखे। एसटीएफ टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन दोनों बाइक मोड़कर भागने लगे। एसटीएफ ने करीब 100 मीटर तक पीछा किया। खुद को घिरता देख दोनों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

    खबरें और भी

    donmustika

    जवाबी कार्रवाई में मुस्तफिजुल के पैर और बायीं आंख के पास गोली लगी। घायल हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में एसटीएफ के मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह गोली लगने से घायल हो गए। वहीं आरक्षी श्रीराम की जान उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचा ली। इस बीच मुस्तफिजुल का साथी लगातार फायरिंग करते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

    उसकी तलाश में एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मुठभेड़ के बाद जिले की फील्ड यूनिट ने मौके पर पहुंचकर कारतूस, खून के नमूने और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पूरे घटनास्थल का निरीक्षण कर फोरेंसिक साक्ष्य सुरक्षित किए गए। सीओ एसटीएफ धर्मेश शाही की तहरीर पर खोराबार थाने में मुस्तफिजुल और उसके फरार अज्ञात साथी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

    यह भी पढ़ें- तीन राज्यों में काटी फरारी, गोरखपुर मुठभेड़ में खत्म हुआ एक लाख के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान का सफर

    एसटीएफ अधिकारियों का मानना है कि फरार साथी की गिरफ्तारी इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी है। उससे पूछताछ करने पर पता चलेगा कि आजमगढ़ में किस नेता को निशाना बनाया जाना था, हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल थे, फरारी के दौरान मुस्तफिजुल को किसका संरक्षण मिल रहा था।