आजमगढ़ में फुटपाथ पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ चलेगा 'लक्ष्मण रेखा' अभियान, जाम से मिलेगी निजात
आजमगढ़ में यातायात पुलिस 'लक्ष्मण रेखा अभियान' चलाकर फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करेगी, जिससे पैदल राहगीरों को राहत मिलेगी और जाम की समस्या कम होगी। ...और पढ़ें

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है
HighLights
फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए 'लक्ष्मण रेखा अभियान'।
लाल पेंट से सीमांकन, उल्लंघन पर चालान और कानूनी कार्रवाई।
शहर के 13 प्रमुख जाम वाले स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। शहर को जाम से निजात दिलाने और पैदल राहगीरों के लिए फुटपाथ खाली कराने की तैयारी शुरू हो गई है। फुटपाथ पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस अब 'लक्ष्मण रेखा अभियान' चलाएगी। इसके तहत फुटपाथ और सड़क किनारे लाल पेंट से सीमा रेखा खींची जाएगी, जिसके बाहर दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी संचालकों को सामान रखने की अनुमति नहीं होगी। सीमा रेखा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान के साथ अन्य विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
अभियान की शुरुआत शहर के सबसे व्यस्त चौक क्षेत्र से बड़ा देव तक की जाएगी। यातायात पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम पहले दुकानदारों को जागरूक करेगी। इसके बाद भी अतिक्रमण मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि दैनिक जागरण ने शहर की जाम की समस्या को लेकर लगातार अभियान चलाकर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था। इसके बाद रोडवेज बस अड्डे पर की गई व्यवस्थाओं का सकारात्मक असर देखने को मिला और वर्षों पुरानी जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो गई।
वहीं, फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने के मुद्दे को भी दैनिक जागरण ने लगातार प्रमुखता से उठाया। इसके बाद यातायात पुलिस ने 'लक्ष्मण रेखा अभियान' शुरू करने का निर्णय लिया। अब इस अभियान से शहर के अन्य प्रमुख बाजारों में भी यातायात व्यवस्था में सुधार और फुटपाथों को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने की उम्मीद है।
यातायात एएसपी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाना तथा प्रमुख बाजारों में जाम की समस्या को कम करना है। शहर के बाजारों में वर्षों से फुटपाथों पर अतिक्रमण और सड़क तक फैली दुकानें जाम का प्रमुख कारण बनी हुई हैं। इसके चलते पैदल राहगीरों को सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में 'लक्ष्मण रेखा अभियान' को इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
खबरें और भी
जाम वाले 13 स्थानों पर दो पालियों में तैनात किए गए पुलिसकर्मी
यातायात व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने जाम प्रभावित 13 प्रमुख स्थानों पर दो पालियों में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। इनमें गिरजाघर चौक, नरौली, सिधारी हाइडिल चौराहा, शंकर जी तिराहा, पुरानी कोतवाली-पांडेय बाजार, जिला अस्पताल सहित अन्य प्रमुख स्थान शामिल हैं।
यह भी पढ़ें- नौकरी के लिए अब नहीं छोड़ना पड़ेगा घर, अपने क्षेत्र में ही मिलेगा रोजगार; सरकार ने लॉन्च किया कमाल का App
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए यातायात पुलिस ने पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया है। निगरानी में तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा। प्रत्येक सप्ताह जाम की स्थिति की समीक्षा होगी और जिन चिह्नित स्थानों पर लगातार जाम की समस्या मिलेगी, वहां तैनात पुलिसकर्मियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
शहर की सबसे बड़ी समस्या जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 'लक्ष्मण रेखा अभियान' के तहत चरणबद्ध तरीके से फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। इससे पूर्व चिह्नित स्थानों पर तैनात ट्रैफिक मार्शलों की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा की जा रही है और जाम से निजात दिलाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
पंकज श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात)