यूपी में मीटर रीडिंग के समय ही OTS की पात्रता की मिलेगी जानकारी, बिलिंग एप पर अपलोड हुआ सॉफ्टवेयर
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को बिल राहत योजना (ओटीएस) का लाभ देने के लिए नया सॉफ्टवेयर अपलोड किया है। अब मीटर रीडर बिलिंग ऐप के जरिए घर पर ही ओटीएस पात् ...और पढ़ें

मीटर रीडिंग के समय ही ओटीएस की पात्रता की मिलेगी जानकारी।
HighLights
मीटर रीडर बिलिंग ऐप से देंगे ओटीएस पात्रता की जानकारी।
उपभोक्ताओं को बिजली कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
ओटीएस योजना का तीसरा चरण 28 फरवरी तक चलेगा।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। बिजली बिल राहत योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होना पड़ेगा। विभागीय कार्यालयों के चक्कर भी नहीं काटने होंगे। मीटर रीडिंग के दौरान ही योजना के पात्रता के बारे में जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए बिजली विभाग की तरफ से मीटर रीडरों के बिलिंग एप पर सॉफ्टवेयर अपलोड किया गया है।
मीटर रीडर द्वारा उपभोक्ताओं के घर रीडिंग के दौरान बिल पर ओटीएस की पात्रता के बारे में संदेश आ जाएगा। जिले में सात लाख से अधिक घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं पर काफी बिल बकाया है।
कई ऐसे उपभोक्ता भी हैं, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद फिर कभी बिजली का बिल जमा नहीं किया। बिजली विभाग ने बकायेदारों को बिल जमा करने के लिए सहूलियत देते हुए बिजली बिल राहत योजना लागू की है।

विभाग की तरफ से बकाया बिल की वसूली के लिए जगह-जगह कैंप लगाया जा रहा है। मुश्किल यह है कि योजना में सभी बकायेदारों को शामिल नहीं किया गया है।
ऐसे में परेशानी बढ़ गई है। तमाम बकायेदार योजना के तहत छूट पर बिल जमा करने के लिए बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। जिसे देखते हुए विभाग की तरफ से बिलिंग एप में नया सॉफ्टवेयर अपलोड किया गया है।
दूसरे चरण में यह सुविधा शुरू कर दी गई है। जिसके बाद मीटर से रीडिंग लेने के बाद बिल पर ओटीएस की पात्रता के बारे में भी जानकारी मिल जा रही है।
28 फरवरी तक चलेगी ओटीएम
बकाएदारों को बिल जमा करने में सहूलियत देने के लिए ओटीएस योजना की शुरुआत तीन चरणों में तीन जनवरी हुई थी। तीसरा चरण 28 फरवरी को समाप्त होगा। इस समय दूसरा चरण चल रहा है।
योजना का लाभ लेने के लिए बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शहर से गांव तक उपभोक्ताओं से संपर्क भी कर रहे हैं। इस नई व्यवस्था से ओटीएस योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिलेगी। -रामबाबू, मुख्य अभियंता, विद्युत वितरण मंडल।
यह भी पढ़ें- यूपी में 3.50 लाख सामान्य मीटर उखाड़कर लगेंगे Smart Meter, खत्म होगी रीडर सेवा