बदायूं डबल मर्डर: पुलिस को गच्चा देकर 'वकील' बन कोर्ट पहुंचे 50 हजारी इनामी भाई, फिल्मी अंदाज में सरेंडर
बदायूं दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के भाई केशव और चंद्रशेखर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। ...और पढ़ें

हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह के भाई केशव और चंद्रशेखर को जेल ले जाती पुलिस। जागरण
HighLights
सरेंडर करने वालों में एक हत्याकांड के षड्यंत्र का आरोपित, दूसरा जानलेवा हमले का
जागरण संवाददाता, बदायूं। पुलिस को गच्चा देकर दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह के भाई केशव व चंद्रशेखर ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वे अधिवक्ता की तरह कोट-पैंट पहनकर कोर्ट पहुंचे थे, ताकि पुलिस की निगाह में न आ सकें। इनमें केशव पर मंगलवार रात को 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अब पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
12 मार्च को सैजनी गांव के कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या की गई थी। उन पर गोलियां चलाने वाले अजय प्रताप सिंह को जेल भेजने के बाद जांच हुई तो कई अन्य नाम सामने आए।
उसका भाई केशव सिंह, चंद्रशेखर व तहेरे भाई शिवम, अभय भी उसी प्लांट में आउटसोर्सिंग पर नौकरी करते थे। पुलिस के अनुसार, हत्या का षड्यंत्र रचने में केशव और अभय भी शामिल था, इसलिए मुकदमे में उनके नाम बढ़ाए गए। अजय के स्वजन पर शिकंजा कसा जाने लगा, तब प्लांट के एक अन्य कर्मचारी राहुल मिश्रा थाने पहुंचे थे।
उनका आरोप था कि फरवरी में अजय प्रताप, केशव, चंद्रशेखर, शिवम व अभय ने उन पर जानलेवा हमला किया था। उस समय आरोपितों की हनक एवं डर के कारण शिकायत नहीं कर सके थे। पांचों आरोपित रंगदारी भी मांगते थे।
फरार चार आरोपितों की तलाश में जुटी पुलिस बार-बार दावे करती रही कि दबिश दी जा रही मगर, किसी को पकड़ने में सफलता नहीं मिली। मंगलवार रात को केशव व अभय पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया। बुधवार दोपहर को केशव व चंद्रशेखर ने राहुल पर जानलेवा हमला प्रकरण में कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
इसकी जानकारी होने पर पुलिस कोर्ट पहुंची और केशव को हत्या के षड्यंत्र प्रकरण में भी तलब कराया। बाद में कोर्ट ने केशव व चंद्रशेखर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अब पुलिस दोनों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी डालेगी। इसके बाद हत्याकांड एवं जानलेवा हमला प्रकरण में पूछताछ की जाएगी।
27 दिन में भी तलाश नहीं सकी पुलिस
12 मार्च को हत्याकांड के बाद मुख्य आरोपित अजय प्रताप के सभी स्वजन फरार हो गए थे। पुलिस दावे करती रही कि आरोपित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसी जिले में छिपे हैं, उनके पीछे टीमें लगी हैं। बरेली तो कभी शाहजहांपुर में रिश्तेदारों के घर भी खंगाले गए मगर, एक भी आरोपित पकड़ में नहीं आया। 27 दिन तक पुलिस को गच्चा देने के बाद दो ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
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