बदायूं दोहरा हत्याकांड: खौफ के साये में फिर गूंजेगी मशीनों की आवाज, 7 दिन में शुरू होगा HPCL प्लांट
बदायूं में दोहरे हत्याकांड के बाद बंद हिंदुस्तान पेट्रोलियम का सीबीजी प्लांट सात दिन में फिर से शुरू होगा। कार्यकारी निदेशक मोहित धवन के नेतृत्व में 1 ...और पढ़ें

हिंदुस्तान पेट्रोलियम का सीबीजी प्लांट। जागरण
HighLights
कर्मियों की तैनाती को लेकर कंपनी के लोग क्षेत्र में कर रहे भ्रमण, कम से कम 80 कर्मियों की जरूरत
जागरण संवाददाता, बदायूं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट के दो अधिकारियों की हत्या के बाद से बंद पड़े प्लांट को और जल्द शुरू कर दिया जाएगा। सोमवार को हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों और डीएम एसपी के बीच हुई बैठक के बाद यह तय माना जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर यह प्लांट चालू हो जाएगा। फिलहाल इसके लिए सबसे बड़ी चुनौती मानव संसाधन उपलब्ध कराना है। जिस कंपनी को उसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वह लगातार आसपास के क्षेत्र में घूम कर युवा और जिम्मेदार कर्मचारियों की तलाश में जुटी हुई है। जिला प्रशासन स्तर पर भी इसमें सहयोग किया जा रहा है। वहीं प्लांट संचालन के लिए 12 सदस्यीय टीम ने यहां मोर्चा संभाल लिया है। मंगलवार को प्लांट में पूजा पाठ भी कराया गया।
12 मार्च को हुए दोहरे हत्याकांड के बाद से बंद पड़े प्लांट को फिर से शुरू करने के लिए कंपनी ने नए अधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है। लेकिन सुरक्षा कारणों से उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। सोमवार को हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कार्यकारी निदेशक मोहित धवन के साथ 12 सदस्यीय टास्क टीम आई थी।
यहां पर डीएम अवनीश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा के साथ प्लांट संचालन को लेकर बैठक करने के बाद प्लांट का निरीक्षण किया था। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में प्लांट को एक सप्तह के अंदर चालू करने पर सहमति बनी थी। हालांकि इसकी कोई तिथि तय नहीं हुई थी। लेकिन इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी जाएं, इस पर सहमति बन गई थी।
खबरें और भी
इसके बाद कार्यकारी निदेशक मोहित धवन वापस लौट गए थे। वहीं 12 सदस्यीय टीम यहीं रुक गई थी। यह टीम अब प्लांट में मशीनों की स्थिति, साफ सफाई, पराली की आपूर्ति आदि सुनिश्चित करने में जुटी हुई है। जिससे प्लांट संचालन शुरू होने पर कच्चे माल आदि की कोई दिक्कत न रहे और बीच में प्लांट रोकना न पड़े।
वहीं, जो सबसे बड़ी चुनौती मानव संसाधन की बनी हुई है, इसके लिए प्रयास जारी है। कंपनी के लोग गांव गांव घूम रहे हैं। सैजनी और आसपास के गांवों से कर्मियों की भर्ती न करना पड़े। इसे भी ध्यान में रखा जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से इसमें सेवायोजन विभाग द्वारा उन युवाओं से संपर्क साधा गया है जिन्होंने पूर्व में लगे रोजगार मेला में प्रतिभाग किया था। इसमें से जो भी काबिल युवा होंगे, उनकी तैनाती कराई जा सकती है।
मुखबिर तंत्र, एसओजी, सर्विलांस सब फेल, आरोपित फरार
पिछले चार-पांच सालों के अपराधिक घटनाक्रमों पर नजर डालेंगे तो पाएंगे की पुलिस ने इक्का दुक्का छोड़कर लगभग सभी का राजफाश कुछ घंटे या दिनों में कर ही दिया। भले ही थाना पुलिस सफलता न पाई हो लेकिन सर्विलांस और एसओजी टीम तो सफल हो ही जाती थी।
लेकिन हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों की हत्या के बाद मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह के फरार परिवारीजन अब तक पुलिस के हत्थे नहीं लगे हैं। इस बार पुलिस का मुखबिर तंत्र हो या एसओजी और सर्विलांस टीम सब फेल साबित हुते हैं। ऐसा लग रहा है कि मानो फरार आरोपितों को जमीन निकल गई हो या आसमान का गया हो।
बड़ी बात यह है कि जिन्हें पुलिस ढूंढ नहीं पा रही वह सरेंडर करने के लिए तैयारी कर रहे हैं। वही बता दें कि अगर जल्द ही आरोपित नहीं पकड़े गए तो पुलिस ने जिन दो भाइयों को हत्या में नामजद किया है, उन दोनों पर 25 हजार से बढ़ाकर ईनाम 50 हजार का भी हो सकता है।