आदेश होता तो फुल एनकाउंटर कर देते... निलंबित दरोगा का वीडियो वायरल, बदायूं हत्याकांड में मची खलबली
बदायूं में एचपीसीएल प्लांट के दो अधिकारियों की हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के सगे भाई केशव और तहेरे भाई अभय प्रताप सिंह कल्लू ...और पढ़ें

हिंदुस्तान पेट्रोलियम का सीबीजी प्लांट। जागरण आर्काइव
HighLights
अधिकारियों के हत्यारोपित के दो भाइयों का नाम मुकदमे में बढ़ा, 25 हजार का ईनाम घोषित
मुख्य आरेापित अजय प्रताप के सगे भाई केशव और तहेरे भाई अभय प्रताप को षड़यंत्र रचने के मामले में आरोपित बनाया
जागरण संवाददाता, बदायूं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट के दो अधिकारियों की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित अजय प्रताप के दो और भाइयों के नाम बढ़ा दिए हैं। पुलिस ने उसके सगे भाई केशव और तहेरे भाई अभय प्रताप सिंह कल्लू को हत्या के मुकदमे में षड़यंत्र रचने के मामले में आरोपित बनाया है। अब तक फरार चल रहे इन दोनों पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया है।
पुलिस की तीन टीमें लगातार इन आरोपितों की तलाश में जुटी हैं, लेकिन अब तक यह पकड़ में नहीं आ सके हैं। जल्द न पकड़े जाने पर पुलिस इन पर ईनामी धनराशि बढ़ा सकती हैं। 12 मार्च को सैजनी के सीबीजी प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की कंपनी के पूर्व कर्मचारी अजय प्रताप सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस मामले में मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह ने सरेंडर किया था, लेकिन रात में जब पुलिस तमंचा बरामद करने गई तो उसने पुलिस पर फायर कर दिया। जिस पर पुलिस ने मुठभेड़ में उसके दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में उसके दो साथी धर्मेंद्र यादव और मुनेंद्र विक्रम को भी जेल भेजा गया।
इसके बाद से प्रशासन और पुलिस लगातार मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह के स्वजन पर शिकंजा कसने में लगी थी। पुलिस ने आरोपित की मां किरण देवी, पिता राजेश सिंह, ताऊ राकेश सिंह, भाई केशव और चंद्रशेखर, तहेरे भाई शिवम और अभय प्रताप सिंह पर अलग अलग मामलों में सात से आठ मुकदमे दर्ज किए गए। लेकिन इसके बाद भी आरोपित पकड़ में नहीं आए।
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जैसा कि प्लांट के अधिकारी रहे हर्षित मिश्रा के माता पिता हत्या में अन्य स्वजन के शामिल की बात कह रहे थे। उसी क्रम में पुलिस ने सोमवार को अधिकारियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह के सगे भाई केशव और तहेरे भाई अभय प्रताप सिंह का नाम मुकदमे में बढ़ा दिया है। पुलिस ने इन दोनों हत्या की साजिश रचने में अजय का सहयोग करने का आरोपित बनाया है। इन दोनों पर पुलिस ने 25-25 हजार का ईनाम घोषित किया है।
सरेंडर करने के प्रयास में लगे आरोपित
दोहरे हत्याकांड के बाद से लगातार फरार चल रहे आरोपित अजय प्रताप सिंह के स्वजन के खिलाफ जब अन्य मामले दर्ज होना शुरू हुए तो उनकी बेचैनी बढ़ गई। सूत्रों के अनुसार अजय के सगे भाई और तहेरे भाई पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के लिए सरेंडर करने के प्रयास में लगे हैं। इसके लिए उन्होंने प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। इनमें से किसी ने न्यायालय में अपने किसी पुराने मामले में सरेंडर करने की अर्जी भी लगाई है। इसके चलते ही सोमवार को पुलिस टीमें कोर्ट के आसपास भी सक्रिय देखी गईं।
आदेश होता तो हत्यारोपित का हम कर देते एनकाउंटर
दोहरे हत्याकांड के बाद निलंबित हुए दारोगा धर्मेंद्र सिंह का सोमवार एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो हुआ। जिसमें वह बड़ी बेबाकी से पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी देते नजर आ रहे हैं। बोले चार फरवरी को जो मुकदमा दर्ज हुआ था, उसकी विवेचना जारी थी।
आरोपित को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह मिल ही नहीं रहा था। गिरफ्तारी और चार्जशीट में समय होता है, विवेचना कर रहे थे। उससे पहले यह मामला हो गया। बोले कि हमारी उससे कोई रिश्तेदारी और याराना तो था नहीं, आदेश होता तो हम ही उसका एनकाउंटर कर देते। कह रहे हैं कि उसका हाफ नहीं फुल एनकाउंटर होना चाहिए था।