बदायूं डबल मर्डर: हत्यारोपी अजय प्रताप ने नहीं लूटी बोलेरो, चालक ने दी थी चाबी, अब षड्यंत्र की धारा
बदायूं डबल मर्डर मामले में नया मोड़ आया है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों की हत्या के बाद अजय प्रताप सिंह ने बोलेरो लूटी नहीं थी, बल्कि चालक धर् ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, बदायूं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो अधिकारियों की हत्या के बाद अजय प्रताप सिंह ने भागने के लिए बोलेरो लूटी नहीं, बल्कि चालक धर्मेंद्र यादव ने खुद चाबी सौंपी थी।
जांच में इसकी पुष्टि होने पर मुकदमे से लूट की धारा हटाकर षड्यंत्र रचने की धारा बढ़ा दी गई। उसके मददगारों की तलाश में बरेली व शाहजहांपुर में दबिश दी जा रही है।
अजय का परिवार मूलरूप से शाहजहांपुर के पतसा का रहने वाला है। 12 मार्च को सैजनी गांव स्थित कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या की गई थी। कर्मचारियों को लाने वाली बोलेरो में बैठकर आरोपित परिसर के अंदर आया था। बाद में उसी से थाने पहुंचा।
आरंभिक तौर पर माना जा रहा था कि हत्याकांड के बाद उसने चालक धर्मेंद्र यादव से बोलेरो बलपूर्वक छीनी होगी। इसी आधार पर लूट की धारा भी लगाई गई। पुलिस के अनुसार चार दिन पहले धर्मेंद्र यादव व फैक्ट्री कर्मी मुनेंद्र विक्रम से पूछताछ की गई। धर्मेंद्र ने स्वीकारा कि बोलेरो की चाबी उसने अजय को दी थी, ताकि परिसर से भाग सके।
फैक्ट्री कर्मी मुनेंद्र विक्रम ने गार्ड को उलझा रखा था ताकि गेट खुला रहे। दोनों से पूछताछ में षड्यंत्र की पुष्टि होने पर इन्हें जेल भेजकर संबंधित धारा बढ़ा दी गई।
मुकदमे में कई नाम बढ़ाने की तैयारी
अजय प्रताप सिंह जेल में है। अब उसके व उसके परिवार के अवैध साम्राज्य को खत्म किया जा रहा। उसे अपने ताऊ राकेश सिंह और रिश्तेदार भाइयों से शह मिलती थी। वे सभी मिलकर सरकारी जमीनों पर कब्जे करते थे।
उसका चचेरा भाई कल्लू भी क्षेत्र में दबंगई करता था। उसने आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की बेटी कीर्ति के समर्थकों पर हमला भी किया था। इन सभी की तलाश की जा रही है ताकि पूछताछ के बाद मुकदमे में नाम बढ़ाए जा सकें।