HPCL डबल मर्डर: हत्यारे अजय प्रताप के ठिकानों पर पुलिस की 'सर्जिकल स्ट्राइक', मददगारों में हड़कंप!
बदायूं में हुए HPCL डबल मर्डर मामले में पुलिस मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है। मृतकों के परिजनों द्वारा दिए गए साक्ष्य ...और पढ़ें

हत्यारोपित का गांव सैजनी और हत्यारोपित का तहेरा भाई अभय
अंकित गुप्ता, बदायूं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या के आरोपित अजय प्रताप सिंह जेल जा चुका है। लेकिन दोनों ही अधिकारियों ने इस मामले में अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका जताई है। साथ ही कुछ साक्ष्य भी पुलिस को दिए हैं। पुलिस इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों के नाम बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
मगर, उससे पहले आरोपित के परिवार के संदिग्ध सदस्यों तक अपनी पहुंच बनाने में जुटी है। इसके लिए उनके सभी ठिकानों को खंगाला जा रहा है। इनके ठिकाने बरेली-शाहजहांपुर में भी है। बताते हैं कि पुलिस की टीमें इनकी सुरागरसी में पिछले तीन दिन से लगातार दबिश दे रही हैं।

दातागंज तहसील के गांव सैजनी में स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट में 12 मार्च को दौड़ाकर दो अधिकारियों की हत्या की गई थी। हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह पूर्व में प्लांट में नौकरी और पराली की ठेकेदारी का काम करता था। नौकरी और ठेकेदारी जाने से वह बौखला गया था और पिछले छह से दोनों अधिकारियों को धमका रहा था।
जब उस पर फरवरी में मुकदमा दर्ज हुआ तो उसने 12 मार्च को दोनों अधिकारियों की हत्या कर डाली। इसके बाद खुद ही थाने जाकर सरेंडर हो गया, लेकिन रात में तमंचा बरामदगी के दौरान पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर उसे जेल भेज दिया। वहीं पीडब्ल्यूडी की टीम ने आरोपित की पांच दुकानों को अतिक्रमण की जद में पाया।
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उसका ध्वस्तीकरण किया गया तो उसके ताऊ राकेश सिंह का भी अतिक्रमण मिला। उसकी भी छह दुकानें गिराई गईं। इसी बीच मृतक हर्षित मिश्रा के स्वजन ने कुछ ऐसे साक्ष्य दिए, जिसमें आरोपित के परिवार के कुछ अन्य लोगों को भी संदिग्ध बताया गया।
इसी के बाद से पुलिस और प्रशासन मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह के परिवार के अन्य लोगाें और उसके नजदीकियों का भी रिकार्ड खंगालने में जुट गई। पिछले तीन दिनों से तो पुलिस की अलग अलग टीमें बरेली, शाहजहांपुर और जिले के उन स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
जहां आरोपित अजय के परिवार के लोगों व अन्य नजदीकियों के छिपे होने की आशंका है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस टीमों ने शाहजहांपुर, बरेली, मूसाझाग, बदायूं शहर में कुछ ठिकानों पर दबिश दी।
शाहजहांपुर के नेता और विधायक के साथ रहे आरोपित के भाई
आरोपित अजय प्रताप सिंह और उसका परिवार मूल रूप से शाहजहांपुर के पतसा का ही रहने वाला है। हाल ही में जब आरोपित के सगे भाई व तहेरे भाई की फोटो रिवाल्वर और पिस्टल के साथ प्रसारित हुए। इसके बाद आशंका जताई जाने लगीं कि आरोपितों के पास कई अन्य असलाह भी हैं।
मगर मूसाझाग पुलिस तो एक ही असलाह वह भी आरोपित के ताऊ के रायफल की ही जानकारी जुटा सकी थी। इसी संबंध में मूसाझाग इंस्पेक्टर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आरोपित के भाई पहले शाहजहांपुर में रहते थे।
यह फोटो उसी समय के हैं। उनका कहना था कि यह असलाह शाहजहांपुर के ही किसी विधायक या नेता के हो सकते हैं। क्योंकि यह लोग कई साल तक वहां रहे हैं। उनके अनुसार फोटो 2018 के आसपास के हो सकते हैं।
हत्यारोपित का तहेरा भाई भी करता था दबंगई
जैसे जैसे यह मामला आगे बढ़ता जा रहा है। हत्यारोपित के परिवार के कारनामे सामने आते जा रहे हैं। बताते हैं कि हत्यारोपित अजय का तहेरा भाई भी लग्जरी गाड़ी और कमर में असलाह लगाकर क्षेत्र में दबंगई करने लगा था।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार हत्यारोपित के तहेरे भाई अजय प्रताप सिंह उर्फ कल्लू के खिलाफ एक मामला बरेली की बिसारतगंज थाने में एथेनाल प्लांट के अधिकारियों के अपहरण का दर्ज है। इसके अलावा अांवला के पूर्व सांसद की बेटी कीर्ति कश्यप और उनके समर्थकों पर हमला करने का मामला भी दर्ज है।